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बेहतर प्रबंधन के साथ गांव में नहीं फैलने दिया संक्रमण

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बहराइच। गांवों में बेहतर प्रबंधन कर कोरोना संक्रमण को नहीं फैलने दिया गया है। जबकि कई ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण सतर्कता दिखा रहे हैं। जिससे उन गांवों में संक्रमण नहीं फैल रहा है। लोगों में कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता दिख रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठ रहे हैं। साथ ही मास्क लगाकर निकल रहे हैं। जिससे अभी भी कई ऐसे गांव हैं, जहां पर कोरोना संक्रमण नहीं फैला है। ऐसे गांव को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर गांव के पूर्व जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों में हर्ष है।
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जिले की आबादी लगभग 42 लाख है। अब तक एक वर्ष में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 11094 पहुंच गई है। यह आबादी का मात्र तीन प्रतिशत ही है। लेकिन इसके पीछे ग्रामीणों की सतर्कता काफी अहम है। कोरोना संक्रमण अब शहर क्षेत्र में कम हो गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है। लेकिन कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां पर बीते वर्ष के साथ इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण नहीं फैला है। ऐसा ग्रामीणों व ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के जागरूकता से हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते वर्ष सरकार ने संक्रमण फैलने से पूर्व ही पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया था। जबकि इस बार बाद में लगाया गया है। लेकिन हम सभी की सतर्कता से गांवों में संक्रमण नहीं फैला है। जबकि पड़ोस के गांव में कोरोना संक्रमण के कई मरीज निकले हुए हैं। ग्रामीण सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए लॉकडाउन का पूरा पालन कर रहे हैं। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठक कर रहे हैं। इतना ही नहीं सभी मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कोरोना संक्रमण को एक वर्ष बीत गया है। ऐसे में सरकार द्वारा फैलाए जा रहे जागरूकता का काफी असर ग्रामीण क्षेत्र में हुआ है। महामारी से दूर रहने के लिए ग्रामीण स्वयं एक-दूसरे से दूरी बना रहे हैं। हाथ भी नहीं मिला रहे हैं। जिससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल रही है। खतरनाक हो रहे कोरोना संक्रमण के प्रति ग्रामीण स्वयं जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में जिन गांव में कोरोना संक्रमण नहीं फैला है। उन गांव को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर गांव के जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों में भी हर्ष है। (संवाद)
बाहर से आए लोगों को कराया होम आइसोलेट
बीते वर्ष कोरोना संक्रमण फैलने की सूचना मिलते ही मिहींपुरवा विकास खंड के बोझिया गांव के ग्रामीणों को सतर्क किया गया। पूरे गांव को सैनिटाइजेशन कराने के साथ मास्क बांटा गया। बाहर से आए प्रवासी श्रमिकों को विद्यालयों में ही होम आइसोलेट कराया गया। गांव की नियमित सफाई से कोरोना संक्रमण को नहीं फैलने दिया गया।
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-शिवसागर पूर्व ग्राम प्रधान बोझिया
घर पर ही पहुंचाया भोजन, बांटा मास्क
कोरोना संक्रमण का भय बीते वर्ष काफी था। लॉकडाउन लगते ही सरकार के दिशा निर्देश पर पयागपुर के रुकनापुर में गरीबों को घर पर ही खाद्यान्न व भोजन पहुंचाया गया। मास्क वितरित किया गया। संक्रमण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाई गई। जिससे गांव में कोरोना का खात्मा हो गया।
-विनोद कुमार सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान रुकनापुर
बेहतर प्रबंधन बनाएं, यही बचाएगा जीवन
तेजवापुर विकास खंड के जिहुरामाफी गांव निवासी इसराइल ने बताया कि कोरोना संक्रमण की जानकारी सरकार द्वारा हुई। वह सतर्क हुए, साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क किया। जिससे संक्रमण को फैलने से रोका। खैरा बाजार निवासी दिनेश वर्मा ने बताया कि शुरू में दो मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले। लेकिन गांव का सैनिटाइजेशन, जागरूकता, सफाई व मास्क वितरण से अंकुश लगा दिया गया है। अब गांव पूरी तरह से सुरक्षित है। गांव में कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं है। जब तक सरकार का निर्देश हो बेहतर प्रबंधन बनाएं रखें, यही जीवन को बचाएगा।
जागरूकता से ही रुकेगा संक्रमण
जिले में पहले प्रतिदिन 150 से 225 के बीच में कोरोना पॉजिटिव आते थे। इनमें 100 से 150 संक्रमित शहर क्षेत्र के निवासी होते थे। अब शहर क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र में भी धीरे-धीरे संक्रमण कम हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य, जिला प्रशासन और ग्रामीणों की जागरूकता व बचाव से ही कोरोना महामारी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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-डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ
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