पयागपुर(बहराइच)। सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर मंडल में विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा की थी। इसके बाद पयागपुर तहसील स्थित 23.456 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिस पर शासन द्वारा दोबारा आख्या मांगी गई है। शासन द्वारा दोबारा आख्या मांगने के बाद से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और ग्रामीण क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर गदगद हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पयागपुर तहसील के ग्राम पंचायत अमकोलवा में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गाटा संख्या 41 व 45 पर स्थित चारागाह की जमीन का चिन्हांकन किया गया था। पयागपुर तहसील प्रशासन ने चारागाह की 23.456 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था।
नवागत डीएम मोनिका रानी ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न बिंदुओं पर दोबारा से आख्या मांगी है। इसमें उन्होंने अवैध अतिक्रमण, जलभराव व बाढ़ आदि के संबंध में स्पष्ट जानकारी तलब की है। डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी है।
दोबारा रिपोर्ट मांगने से क्षेत्र में खुशी की लहर
पयागपुर तहसील क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर भूमि चिन्हांकन होने और उस संबंध में दोबारा जांच होने की जानकारी होने के बाद से क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीण मंडल में स्थापित होने वाला विश्वविद्यालय उनके क्षेत्र में स्थापित होने को लेकर खुश हैं। क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने भी सीएम योगी से मिलकर इसकी मांग की थी। पयागपुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि समय प्रसाद मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विशेश्वरगंज सच्चिदानंद पाठक, बसंत सिंह, पंकज शुक्ला, महेश तिवारी आदि ने बताया कि दोबारा रिपोर्ट तलब करने से उम्मीद दोगुनी हो गई है। अगर विश्वविद्यालय स्थापना होती है, तो क्षेत्र में शिक्षा को पंख लग जाएंगे।
मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्येक मंडल के एक जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की बात कही गई है। इसी क्रम में बहराइच में पयागपुर से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा गया है। विश्वविद्यालय स्थापना किस जिले में होगी इसका निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा।
मुकेश कुमार, तहसीलदार पयागपुर