बहराइच। प्रदेश सरकार ने 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने से ठीक एक दिन पहले अहम फैसला लेते हुए छह माह के लिए इन्हें ग्राम पंचायत की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी है। इससे जिले के 14 विकास खंडों की 1043 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और उनके प्रतिनिधियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
लंबे समय से ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव समय पर न होने की स्थिति में कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई बार ज्ञापन और आंदोलन भी किए गए थे। पंचायत विकास मंच समेत विभिन्न संगठनों ने लगातार यह मुद्दा उठाया था कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित न हों, इसलिए प्रधानों को ही जिम्मेदारी सौंपी जाए।
पंचायत विकास मंच के प्रदेश संयोजक सूरज शुक्ला और सह संयोजक एवं ब्लॉक चित्तौरा के ग्राम पंचायत अहिरौरा के ग्राम प्रधान डॉ. श्याम कुमार चौधरी ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय गांवों के विकास और पंचायत व्यवस्था की निरंतरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांव की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं और हर सुख-दुख, आपदा व विकास कार्यों में जनता के साथ खड़े रहते हैं।
प्रधानों का कहना है कि उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने से अधूरे विकास कार्य पूरे किए जा सकेंगे और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ निर्बाध मिलता रहेगा। उधर प्रशासनिक स्तर पर भी शासनादेश के अनुरूप आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।