बहराइच। मोटी रकम के लालच में ऑन कॉल की सुविधा देने वाले जिला अस्पताल के सरकारी डॉक्टरों के पर कतरने के लिए सीएमएस ने कमर कस ली है। सीएमएस ने सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का हलफनामा तलब किया है। चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल के सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाए गए तो कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में सरकारी डॉक्टरों के सहारे नर्सिंग होम के संचालन और ऑन कॉल की सुविधा जैसे मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी डॉक्टरों की चांदी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. माहेश्वरी पांडेय ने तैनात डॉक्टरों को नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि प्राइवेट प्रैक्टिस, नर्सिंग होम में ऑन कॉल जाने या ऑपरेशन करने और पैथोलोजी जांच करते हुए पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएस ने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि प्राइवेट प्रैक्टिस न करने के बाबत प्रत्येक माह की 20 तारीख को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें, अन्यथा वेतन भुगतान पर रोक लगा दी जाएगी। सीएमएस ने प्रमाण के बाद ही वेतन भुगतान करने के लिए प्रधान लिपिक एसए खान को जिम्मेदारी सौंपी है। सरकारी डॉक्टरों के हाथ खींचने से तमाम नर्सिंग होम के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।