रुपईडीहा के हनुमान सरोवर तट पर छठ पूजा करतीं महिलाएं।
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बहराइच। छठ पर्व की धूम ग्रामीण अंचलों के घाटों पर भी रही। महिलाओं ने घाटों पर पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद चाय पीकर व्रत तोड़ा। इस दौरान घाट पर महिलाओं व परिवारीजनों की भीड़ जुटी रही। पुलिस भी सुरक्षा में तैनात रही।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्वांचल के काफी संख्या में लोग निवास करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में छठ पर्व आस्था और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। नानपारा के कालीकुंडा मंदिर सरोवर तट पर नगर क्षेत्र की महिलाएं छठ पूजा के लिए एकत्रित हुईं और पूजन-अर्चन के साथ छठ पूजा की। रुपईडीहा के हनुमान सरोवर तट पर छठ पूजा के लिए महिलाएं एकत्रित हुईं। सुबह से ही महिलाओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद व्रत तोड़ा। इस मौके पर रमेश अमलानी, सुशील बंसल, रतन अग्रवाल, जगमोहन जायसवाल आदि मौजूद रहे। मिहींपुरवा के गोपिया में स्थित तट पर तड़के पहुंचीं महिलाओं ने भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की। मोतीपुर के उर्रा में स्थित सोतिया नाला के तट पर महिलाएं सुबह पांच बजे से ही पहुंचने लगीं। सभी ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ मैया और सूर्य भगवान के गीत गाते हुए माहौल भक्तिमय कर दिया। नदी में खड़े होकर महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत तोड़ा। विधायक सरोज सोनकर ने घाटों पर जाकर लोगों को छठ पर्व की बधाई दी।
रिसिया विकास खंड के विश्राम घाट सरयू तट और समसा तरहर में महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने सुख, शांति की मनोकामना की पूर्ति के लिए पूजा की। जरवल विकास खंड में स्थित घाट और नदी के तट पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रही। सुजौली थाना क्षेत्र के घाघरा बैराज, कैलाशपुरी, गेरुआ नदी, आंबा घाट, चमनचौराहा, मटेही, बनकटी के घाट पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। सभी स्थानों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही।