श्रावस्ती/वीरपुर। तराई में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, बारिश की आशंका बढ़ गई है। इससे किसान चिंतित हैं, तेजी से अपनी फसल समेटने में जुट गए हैं। शुक्रवार को सुबह से ही बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे, तेज हवा चलने लगी। इससे दिनभर किसानों की धुकधुकी बढ़ी रही। बारिश न होने पर किसानों ने राहत की सांस ली।
रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं व सरसों पक कर तैयार है। तराई के किसान फसल की कटाई कर रहे हैं। ऐसे में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश की आशंका में किसानों ने गेहूं व सरसों की मढ़ाई तेज कर दी है।
किसान जयचंद्र ने बताया कि उनकी तीन बीघा सरसों की फसल खेत में खड़ी है, लगातार बदल रहे मौसम से अब डर लग रहा है। उन्होंने बताया कि तेज हवा के चलते पकी सरसों की फलियां टूट रही हैं। ऐसे में अगर बारिश हो गई तो फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी। मजदूरों के साथ फसल की कटाई शुरू कर दी है, ताकि नुकसान से बच सकें।
किसान उदय चंद्र ने बताया कि अगर बारिश हो गई तो सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को होगा, जो पककर तैयार है। उन्होंने बताया कि उनका कुछ गेहूं मड़ाई के लिए खेत में कटकर पड़ा है। ऐसे में अगर बारिश हो गई तो फसल सड़ जाएगी और भारी नुकसान होगा।