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Bahraich News: वन विभाग मेरे बच्चे को खोजकर लाए

Tue, 23 Sep 2025 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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भेड़िया प्रभावित गांव मंझारा तौकली के बबुरी में लाठी-डंडे के साथ निगरानी करते ग्रामीण।   -संवाद
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बौंडी/फखरपुर। मंझारा तौकली के गंधु झाला गांव में मां की गोद से जिस बालक को भेड़िया खींच ले गया था, उसका तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका। बच्चे के माता-पिता बदहवास हैं और जिला प्रशासन व वन विभाग से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ित पिता रक्षाराम ने कहा कि वन विभाग किसी भी हालत में मेरे बच्चे को खोज कर वापस दे।
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जैसे ही बेटे की बात चली, मां भी फफक पड़ीं। 20 सितंबर को रक्षाराम के पुत्र अंकेश (3) भेड़िया मां की गोद से खींच ले गया था। तबसे वन विभाग सिर्फ लकीर पीटता दिख रहा है। भेड़िया कभी गंधु झाला गांव में दिखाई देता है, तो कभी आसपास के अन्य गांवों में, वन विभाग की टीम भी भेड़िये का पीछा कर रही है, लेकिन अभी तक खाली हाथ है।


सरयू के कछार इलाके के हरिराम पुरवा, नरेश पुरवा, रामसबद पुरवा, इच्छाराम पुरवा, शिवलोचन पुरवा, हरिश्याम पुरवा, अनुराग पुरवा, गांधीगंज, गंधु झाला, कोनिया, भिरगू पुरवा, रोहित पुरवा, बबुरी, मंझारा तौकली, नंदवल और बहोरवा गांवों में भेड़िये का भय व्याप्त है।
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मचान पर रात बिता रहे ग्रामीण
भेड़िये के डर से प्रभावित मंझारा तौकली के बभनन पुरवा गांव के लोगों ने पेड़ों पर मचान बनाकर रात बितानी शुरू कर दी है। ग्रामीण देशराज, गोपाल, मोहन लाल, परदेशी, भगौती और कृपा राम का कहना है कि छत न होने के कारण वे बच्चों और खुद की सुरक्षा के लिए पेड़ों पर रात काट रहे हैं।




भेड़िया प्रभावित सभी गांवों में नहीं लगी स्ट्रीट लाइट
भेड़िया प्रभावित सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने का दावा प्रशासन की ओर से किया जा रहा है, लेकिन बभनन पुरवा और बबुरी गांव में अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरा होने से भेड़िये का डर और बढ़ जाता है। गांव निवासी सुरेश, दिलीप, रामदीन, राम केवल और प्रवेश ने गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।



ड्रोन कैमरे में कैद हुए कुत्ते
सरयू के कछार में स्थित मंझारा तौकली गांव के आसपास पुलिस, वन और राजस्व विभाग की टीमें रात में गश्त करते हुए ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही हैं। वन विभाग के दरोगा ने बताया कि ड्रोन कैमरों में कुत्ते और अन्य जीव दिखाई दिए, लेकिन भेड़िया अब तक नजर नहीं आया।


कमांड सेंटर स्थापित
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि भेड़िये की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप, सीसीटीवी और पगमार्क की जांच के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों व घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर भेड़िये की तलाश में जुटी हुई है। प्रभाग स्तर पर कमांड सेंटर स्थापित किया गया है।
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