फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ी गई मादा तेंदुआ पहुंची चदैयापुर

Mon, 30 Mar 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। लखीमपुर के धौरहरा से पकड़ी गई मादा तेंदुए को कॉलर आईडी लगाकर कतर्नियाघाट के जंगल में छोड़े जाने के बाद उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जीपीएस सिग्नल के आधार पर तेंदुआ करीब 60 से 80 किलोमीटर के दायरे में घूम रही है। हाल के दिनों में उसकी लोकेशन फिर उसी इलाके के आसपास मिल रही है, जहां से उसे पकड़ा गया था।
विज्ञापन




वन विभाग के अनुसार, 21 फरवरी को दुधवा टाइगर रिजर्व के ट्रांस गेरुआ और शारदा पार स्थित कतर्नियाघाट के कोर जोन में तेंदुए को छोड़ा गया था। कॉलर आईडी सक्रिय होने के बाद से उसकी हर गतिविधि कंट्रोल रूम से मॉनिटर की जा रही है।


डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियां पिछले एक सप्ताह से उसी क्षेत्र में अधिक देखी जा रही हैं। यह तेंदुआ धौरहरा रेंज के चदैयापुर गांव से रेस्क्यू की गई थी, स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे जंगल में छोड़ा गया था।
विज्ञापन



डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि तेंदुए की मूवमेंट रिपोर्ट लगातार तैयार की जा रही है और उच्चाधिकारियों को भेजी भी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य तेंदुए के व्यवहार को समझना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।



यह होगा वन विभाग का अगला कदम
तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखते हुए कॉलर आईडी से मिले आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि वह आबादी की ओर बढ़ रही है या जंगल में सुरक्षित है। यदि तेंदुआ बार-बार रिहायशी इलाकों की ओर आती है, तो उसे दोबारा रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है।



ग्रामीणों को किया गया अलर्ट
तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं, खासकर शाम और सुबह के समय सावधानी बरतें। वन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चला रही है।
विज्ञापन



तेंदुए के हमले से ऐसे करें बचाव

-शाम और सुबह के समय अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं, समूह में निकलें।
-बच्चों और पालतू पशुओं को अकेला बाहर न छोड़ें, खास निगरानी रखें।
-जंगल या सुनसान जगह पर जाते समय शोर करते रहें, ताकि तेंदुआ दूर रहे।
-सामने तेंदुआ दिखे तो भागें नहीं, शांत रहें और धीरे-धीरे पीछे हटें।
-गांव में झाड़ियों और अंधेरे स्थानों को साफ रखें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें