कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय के पास जंगल में खड़ा हाथी।
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय के निकट भटक कर आए एक टस्कर हाथी ने चार घंटे तक बंधे पर डेरा जमाए रखा। डाग स्क्वायड कक्ष के सामने पहुंचकर चिंघाड़ लगानी शुरू कर दी। इस पर वनकर्मियों ने हांका लगाना शुरू किया, जिसके बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में नेपाल के हाथियों के झुंड के साथ एक टस्कर हाथी आया हुआ था। यह टस्कर हाथी शुक्रवार की शाम कतर्नियाघाट इंट्री गेट के सामने से होकर कैलाशपुरी बैराज तक जाने वाले बंधे पर पहुंच गया। हाथी करीब आधे घंटे तक बंधे पर ही डटा रहा।
वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव व वनकर्मियों ने काफी देर तक हांका लगाया। इसके बाद हाथी बंधे के मार्ग से हटकर जंगल की ओर चला गया। उसके एक घंटे बाद ही शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक टस्कर हाथी फिर से घड़ियाल सेंटर के निकट बने डाग स्क्वायड कक्ष के सामने पहुंच गया। यहां उसने चिंघाड़ना शुरू कर दिया।
हाथी की चिंघाड़ की आवाज सुनकर डाक हैंडलर अन्नू शुक्ला व हीरालाल ने हांका लगाना शुरू किया। करीब 15 मिनट बाद वह यहां से लौटा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि कतर्नियाघाट के निकट हाथियों का मूवमेंट लगातार है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।