बहराइच। जिले में पंचायतों की सीमाएं नए सिरे से तय की जा रही हैं। परिसीमन की इस प्रक्रिया से पंचायतों की संख्या, पद और आरक्षण तीनों में बड़ा बदलाव होगा। नवाबगंज ब्लॉक की 70 ग्राम पंचायतें घटकर अब 67 रह जाएंगी, जबकि मिहींपुरवा विकास क्षेत्र में दो नई पंचायतें जुड़ जाएंगी। नतीजतन, जिले को दो प्रधान और 24 ग्राम पंचायत सदस्यों के अतिरिक्त पद मिलेंगे। साथ ही मिहींपुरवा और नानपारा तहसीलों में आरक्षण का नक्शा भी बदल जाएगा।
जिले में 2021 के बाद बनी नगर पंचायत व वन ग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तित गांवों के कारण पंचायत चुनाव की तस्वीर इस बार कुछ बदल जाएगी। सबसे ज्यादा प्रभाव आरक्षण पर पड़ेगा। विगत पंचायत चुनाव के बाद मिहींपुरवा क्षेत्र में पांच गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया था। इसमें बिछिया, टेडिया, ढकिया, महबूब नगर व भवानीपुर शामिल है। इसी के साथ ही मिहीपुरवा को भी नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था।
इस परिवर्तन के बाद दो ग्राम पंचायतें परिसीमन में ज्यादा बन रही हैं। इसमें बिछिया व महबूब नगर शामिल है। बिछिया ग्राम पंचायत में भवानी नगर को जोड़ा गया है, जिसकी कुल आबादी 2200 है। इसके लिए यहां तेरह ग्राम पंचायत वार्ड का गठन होना है। इसी प्रकार महबूब नगर की आबादी 1596 है, इसलिए एकल राजस्व ग्राम को ही ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जा रहा है। यहां 11 ग्राम पंचायत वार्ड का गठन होना है।
इसी के साथ ही पुरानी गांव पंचायत चहलवा का कुछ हिस्सा नगर पंचायत मिहीपुरवा में चले जाने के बाद यहां वन ग्राम से राजस्व ग्राम बने टेडिया व ढकिया को जोड़ कर कुल आबादी 10286 के साथ ग्राम पंचायत का पुनर्गठन होगा। इसमें 15 ग्राम पंचायत वार्ड बनाए जाने हैं। यह इस विकास क्षेत्र की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल होगा। ऐसे ही धरमपुर ग्राम पंचायत का भी पुनर्गठन होगा। इसमें धरमपुर व गोकुलपुर को जोड़ कर 1994 की आबादी रहेगी, जिसमें 11 ग्राम पंचायत वार्ड बनेंगे।
नगर पंचायत बनने के बाद प्रभावित ग्राम
नगर पंचायत मिहींपुरवा बनने के बाद मिहींपुरवा ग्राम पंचायत पूर्ण रूप से, साथ ही परवानी गोैढ़ी, मोतीपुर व कुड़वा का आंशिक हिस्सा नगर पंचायत में जोड़ा गया था। इसके बाद अब परवानी गौढ़ी में 3746 बची आबादी के साथ 15 वार्ड का निर्धारण होगा, जबकि कुड़वा में 5615 आबादी के साथ 15 वार्ड मोतीपुर में 2600 आबादी के साथ 13 वार्ड का निर्धारण किया जाएगा। वहीं, नानपारा के नवाबगंज ब्लाॅक के केवलपुर, पचपकड़ी, गोकुलपुर को मिलाकर नगर पंचायत बनाया गया था। यहां अवशेश गोकुलपुर ग्राम पंचायत में शिवरामपुर तेलियानी व जैतापुर को मिलाकर इसका पुर्नगठन किया गया है।
रैपिड सर्वे से बदलेगी तस्वीर
जिन ग्राम पंचायतों का परिसीमन किया जा रहा है, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्वे भी होना है। इस सर्वे के बाद आरक्षण का रोस्टर नए सिरे से होना है। आरक्षण का प्रभाव ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक पर पड़ेगा।
परिसीमन की अनंतिम सूची का प्रकाशन किया जा चुका है। इसमें जो आपत्तियां आई हैं, उनका निस्तारण किया जा रहा है। बुधवार को अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
- सर्वेश पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी