उर्रा (बहराइच)। लौकाही गांव से धान की रोपाई के लिए सरयू नदी पार कर भादापुरवा जा रहे ग्रामीणों से भरी नाव रविवार को डूब गई थी। इससे नाव पर सवार 20 लोग भी नाव के साथ ही डूब गए। 17 लोगों को प्रशासन ने गोताखोरों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया। जबकि एक महिला का शव बरामद हुआ। एक वृद्ध और बालक लापता हैं। दोनों की तलाश सोमवार को भी गई, लेकिन उनका पता नहीं लग सका है।
मोतीपुर थाना अंतर्गत लौकाही गांव के 20 ग्रामीण रविवार को धान रोपाई के लिए सरयू नदी के उस पार भादापुरवा गांव जा रहे थे। नाविक सैमुद्दीन नाव चला रहा था। सुबह करीब 8.15 बजे नाव पर20 लोग सवार हुए थे। नाव पर साइकिल, 50 बोरी खाद व अन्य सामान भी लाद लिया गया था। इससे भार अधिक हो गया था।
बीच धारा में गहरे पानी में जाकर अचानक नाव डूब गई। नाव पर सवार लौकाही गांव निवासी नाविक सैमुद्दीन , राजू, हड्डवा, नरेश, ऊषा, विकास, विशाल, ननकऊ, जैबुलनिशा, जाफर, गबडू, सलीम, फैजान, मोहम्मद सैफ, राजेंद्र, लीलावती, हसीब समेत 20 लोग डूब गए थे। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
मोतीपुर के प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा व मुर्तिहा के प्रदीप मौर्या पुलिस बल के साथ मौके पर पर पहुंचे। एसडीआरएफ गोंडा व एएसएसबी मुख्यालय के जवानों ने गोताखोरों की मदद से 17 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। जबकि महिला जैबुल निशा का शव बरामद हुआ था। लेकिन जैबुल निशा के पति ननकऊ और विशाल का पता अभी नहीं चल सका है।
सोमवार को भी गोताखोर वृद्ध व बालक की तलाश में नदी खंगालते रहे। लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों का पता नहीं चल सका। घटनास्थल पर मोतीपुर पुलिस कैंप कर रही है। एसओ मनोज कुमार मिश्रा ग्रामीणों के साथ नदी के तट पर डटे हैं।