लखनऊ रोड से गोंडा -बलरामपुर मार्ग को जोड़ते हुए बनेगा 15 किमी बाईपास
शासन की मुहर लगते ही तेजी से शुरु होगा कार्य
बहराइच। सालों से रिंग रोड का सपना संजोकर पर बैठे शहर वासियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही उनका रिंगरोड का सपना हकीकत में बदल सकता है। लोक निर्माण विभाग ने लखनऊ-बहराइच मार्ग से होते हुए गोंडा व बलरामपुर मार्ग को जोड़ते हुए बाईपास निर्माण की योजना बनाई है। विभाग ने 15 किलोमीटर लंबे इस बाईपास का सर्वे कर 250 करोड़ की कार्ययोजना शासन को भेजी है। शासन से मुहर लगते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में वाहनों का दबाव अधिक होने के चलते दिन भर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा राजधानी लखनऊ से गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत अन्य बाहरी जिलों को जाने वाले वाहनों को उठाना पड़ता है। वहीं बाहर वाहनों के दबाव के चलते शहर वासियों को भी मुसीबत झेलनी पड़ती है। जिससे निजात के लिए बीते कई सालों से जिलेवासी शासन-प्रशासन ने रिंग रोड निर्माण की मांग कर रहे थे। लोगाें की इस मांग पर जल्द ही शासन की मुहर लग सकती है।
लोक निर्माण कार्यालय के अनुसार बहराइच-लखनऊ राजमार्ग को शहर की सीमा से बाहर टिकोरा मोड़ के पास से होते हुए बहराइच- गोंडा मार्ग से जोड़ा जाएगा। साथ ही इसका विस्तार बहराइच-बलरामपुर मार्ग तक किया जाएगा। विभाग के मुताबिक 15 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसके अनुमोदन के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन की ओर से कार्ययोजना पर मुहर लगते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल से सीधे जुड़ेंगे लोग
बाईपास का निर्माण महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल को ध्यान में रखकर किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के मुताबिक बाईपास को चित्तौरा स्थित महाराजा सुहेलदेव पर्यटन स्थल के पास से गुजारा जाएगा। ताकि राजधानी समेत बाहरी जिलों से आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो और वह बिना रुकावट फर्राटेदार सड़क से होते हुए सीधे पर्यटन स्थल पहुंचे और उसका लुत्फ उठाएं।
मालवाहक वाहनोंं को होगा सीधा फायदा
रिंग रोड निर्माण से जहां एक ओर जिले के लोगों को जाम से निजात मिलेगी तो वहीं इसका सीधा फायदा दूसरे राज्यों व जिलों से आने वाले भारी वाहनों को होगा। वाहन चालकों को नो इंट्री के चलते रुकना नहीं पड़ेगा और न ही लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। बताते चलें कि गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, देवरिया, आदि स्थानों से आने वाले मालवाहक वाहनों को शहर की सीमा पर रुकना पड़ता है और रात 9 बजे नो एंट्री खत्म होने पर ही वह अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। वहीं जो वाहन चालक रुकना नहीं चाहते हैं, उन्हें आसाम रोड होते हुए रिसिया मोड़ और फिर वापस बहराइच आकर नानपारा बाईपास रोड से जाना पड़ता है। जिसमें वाहन चालकों को लगभग 40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
बेहतर होगी यातायात व्यवस्था
शहर में जाम की समस्या दूर करने व बेहतर आवागमन के लिए रिंग रोड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यह काम होने से यातायात व्यवस्था भी बेहतर बन सकेगी। -मोनिका रानी, डीएम