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चिकित्सक ने मरीज को लिखी बाहर की दवा, केस दर्ज

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पयागपुर सीएचसी का निरीक्षण करते जिलाधिकारी। - फोटो : BAHRAICH
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पयागपुर (बहराइच)। पयागपुर में शनिवार को जिलाधिकारी शंभु कुमार निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान सीएचसी में डीएम मरीजों से हालचाल पूछ रहे थे। तभी कुछ मरीजों के हाथ में लिए गए पर्चे को उन्होंने देखा तो उसमें बाहर की दवा लिखी हुई मिली। यह देखकर जिलाधिकारी भड़क उठे।
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गुस्साए डीएम ने सीएचसी अधीक्षक को तत्काल चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही आगे से कोई भी ऐसा मामला सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर पयागपुर थाने में चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एसडीएम ने मरीजों और तीमारदारों के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
जिलाधिकारी शंभु कुमार पयागपुर तहसील में किसान सम्मान निधि की फीडिंग कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने फीडिंग के बारे में जानकारी हासिल की। यहां से निकलने के बाद जिलाधिकारी प्रशासनिक अमले के साथ अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर का निरीक्षण करने पहुंच गए। यहां डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में सीएचसी अधीक्षक से जानकारी ली।
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निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों के हाथ में दवा के पर्चे दिखाई दिए, जिस पर एक मरीज का पर्चा डीएम ने अपने हाथ में ले लिया। पर्चे के पीछे बाहर मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाएं लिखी हुई थीं, जिसे देखते ही जिलाधिकारी भड़क उठे। डीएम ने सीएचसी अधीक्षक से मरीज को देखनेे वाले डॉक्टर का नाम पूछा।
इस पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल ने बताया कि चिकित्सक डॉ. विकास वर्मा ने मरीज को देखा है। गुस्साए जिलाधिकारी ने तत्काल चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल को चेतावनी दी कि अगर आगे से निरीक्षण में किसी भी मरीज को बाहर की दवा लिखी हुई मिली तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम के निर्देश पर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
डीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम से तलब की। एसडीएम बाबूराम ने अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों का बयान दर्ज किया है। एसडीएम ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी गई है। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सरोज ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर चिकित्सक डॉ. विकास वर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की ओर से बाहर की दवा लिखने का मामला पयागपुर का कोई नया नहीं है। इससे पहले भी बाहर की दवाएं लिखी जाती हुई मिली हैं। यही हाल नानपारा, कैसरगंज, मोतीपुर और शिवपुर सीएचसी का है। वहीं बहराइच के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में भी कई बार चिकित्सकों की ओर से मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा चुकी हैं। इस मामले को लेकर पूर्व सांसद सावित्रीबाईफुले अस्पताल में धरने पर भी बैठ चुकी हैं। कई चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस और नर्सिंगहोम चलाने के मामले में भी केस दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है।
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