बहराइच। कोतवाली देहात निवासी एक लड़की के मामले में सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) ने नाबालिग बताई जा रही बालिका को दस्तावेजी जांच के बाद व्यस्क बताया है। इसके आधार पर सोमवार को मामले की सुनवाई कर रहे प्रभारी सीजेएम कोर्ट ने युवती को उसकी इच्छानुसार सुरक्षित जगह पहुंचाने का निर्देश पुलिस को दिया है।
इस मामले में बीते गुरुवार को प्रभारी सीजेएम ने बालिका को सीडब्ल्यूसी को सौंपने का निर्देश दिया था। सीडब्ल्यसी की पीठ ने बालिका को व्यस्क करार देते हुए पुन: प्रभारी सीजेएम कोर्ट भेज दिया। जहां सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। कोतवाली देहात के एक गांव निवासी बालिका को परिजनों की तरफ से लिखाए गए अपहरण के मुकदमे के बाद बरामद कर बीते गुरुवार को प्रभारी सीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया था।
विवेचक ने बालिका के बयान के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। बालिका की सुपुर्दगी के लिए लड़की के पिता व अपहरण के आरोपी के पिता ने अपनी पुत्रवधू बताते हुए कोर्ट के समक्ष आवेदन किया था। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन व सदस्यों ने बालिका के समस्त पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद बालिका को बालिग करार देते हुए पुन: प्रभारी सीजेएम कोर्ट भेज दिया।
जहां सोमवार को कोर्ट ने लड़की के बालिग होने के कारण उसे स्वतंत्र करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि वह लड़की को उसकी इच्छानुसार, जहां वह जाना चाहे, सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराए।