बहराइच। एनएचएम प्रोग्राम में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगा है। न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के एनएचएम लिपिक, एकाउंटेंट, सीएचसी मुस्तफाबाद के चिकित्सक समेत सभी 14 सीएचसी व 51 पीएचसी के कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सभी ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे मेडिकल वेस्ट, क्लीनिंग आदि से संबंधित करोड़ों के वाहनों की खरीद में धांधली की है।
कोतवाली नगर के मोहल्ला बरहियापुरा निवासी रफीक उल्ला ने एनएचएम प्रोग्राम में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाते हुए 18 जनवरी 2022 को न्यायालय में वाद दायर किया था। रफीक उल्ला का आरोप है कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एनएचएम लिपिक दीपक, एकाउंटेंट अभिषेक रंजन श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुस्तफाबाद के चिकित्सक डॉ. निखिल चन्द्र व सभी सीएचसी-पीएचसी के कर्मचारियों ने मिलीभगत कर वाहनों की खरीद में करोड़ों का घोटाला किया है।
एनएचएम के तहत शासन की ओर से बायो मेडिकल वेस्ट, क्लिनिंग गार्डनिंग, क्लिनिंग एवं वाशिंग आदि के लिए वाहनों की खरीद के लिए करोड़ों रुपये जारी किए गए थे। सभी ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे, बिना किसी निविदा, समाचार पत्र में गजट करवाए करोड़ों रुपये का आवंटन सीएचसी-पीएचसी के कर्मचारियों को कर दिया। सभी ने मिलकर करोड़ों रुपये का बंदरबांट कर लिया। योजना के तहत कोई भी कार्य नहीं करवाया।
रफीक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए दंडाधिकारी ने नगर कोतवाली को सभी पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिस पर नगर कोतवाली पुलिस ने रविवार को सभी पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप है।