जनपद में दिमागी बुखार और डेंगू जानलेवा बना है। दिमागी बुखार से पीड़ित एक और बालिका की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं बुखार से पीड़ित 28 अन्य रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए जिनमें 12 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ने से हड़कंप मचा है।
तराई में बदल रहे मौसम के बीच दिमागी बुखार और डेंगू कहर बरपा रहे हैं। रुपईडीहा के बसभरिया निवासी शंकर की तीन वर्षीया पुत्री रुपनी सप्ताह भर से बुखार की चपेट में थी। जिला अस्पताल में इलाज हुआ लेकिन फायदा नहीं होने पर परिवारीजन उसे लखनऊ ले गए। वहां पर स्वास्थ्य में सुधार होने पर सोमवार को परिवारीजन घर लाए।
मंगलवार सुबह अचानक बालिका की तबियत बिगड़ गई। उसे फिर बुखार आने पर पीएचसी ले गए तो दिमागी बुखार की पुष्टि हुई। पीएचसी से जिला अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में रुपानी ने दम तोड़ दिया। उधर जिला अस्पताल में बुखार के 28 अन्य रोगी भर्ती कराए गए हैं। उन सभी रोगियों में डेंगू के लक्षण थे। उनके रक्त का रैपिड टेस्ट किया गया। इससे 12 पीड़ित डेंगू पॉजिटिव पाए गए।
इनमें हरदी निवासी रामू सरोज (45), फखरपुर सिरौलीकला निवासी श्यामजी (18), स्टेशन रोड बहराइच निवासी सृष्टि राय (8), अमृतपुर मुर्तिहा निवासी अंकित विश्वकर्मा (19), नाजिरपुरा निवासी शकील खां (42), कुरवारी निवासी सुरेंद्र सिंह (45), मनीषा देवी (32) गिलौला, शादाब (2) गुदड़ी, पंकज शुक्ला (60) नौवागढ़ी, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी (25), दीपा गौर (30) सरस्वती नगर व अतुल गौर (45) सरस्वती नगर शामिल हैं।