उर्रा (बहराइच)। लौकाही गांव स्थित सरयू नदी में नाव डूबने के तीसरे दिन वृद्ध का शव नदी की तलछटी में मिट्टी से दबा मिला है। गोपिया बैराज का फाटक बंद करने के बाद नदी में पानी कम होने पर गोताखोर शव को तलाश सके। बुजुर्ग शव मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। अभी भी एक बालक का पता नहीं चल सका है, जिसकी तलाश गोताखोर करने में जुटे हुए हैं।
मोतीपुर तहसील क्षेत्र के लौकाही गांव से रविवार की सुबह कुछ ग्रामीण भादापुरवा जा रहे थे। धान की रोपाई के लिए जा रहे 20 ग्रामीण जैसे ही नाव में सवार हुए। नाव मुख्य धारा में बहते हुए डूब गई। 17 लोगों को प्रशासन ने गोताखोरों की मदद से बचा लिया था। एक महिला का शव मिल गया था। जबकि उसके पति ननकऊ (65) व विशाल (10) का पता नहीं चल सका था। इनकी खोजबीन की जा रही थी।
एसडीएम मोतीपुर बाबूलाल के निर्देश पर मंगलवार को गोपिया बैराज का फाटक बंद कर दिया गया। जिससे नदी का जलस्तर करीब दो से तीन फुट तक कम हुआ। नदी की तलछटी में तलाश के दौरान नाव डूबने वाले स्थान से कुछ दूरी पर मिट्टी के नीचे ननकऊ का शव गोताखोरों को मिला है। उसके शव को बाहर निकाला गया।
शव बाहर निकलते ही परिवार के लोगों के बीच चीख पुकार मच गई। उधर, विशाल की तलाश में अभी भी गोताखोर जुटे हुए हैं। उसके परिवार के लोग भी नदी के तट पर जमे हुए हैं। देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।