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टीईटी : हिंदी ने दी राहत, विस्तृत प्रश्नों ने उलझाया

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बहराइच के महाराज सिंह इंटर कॉलेज से टीईटी की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
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बहराइच। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पहला दिन बृहस्पतिवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हालांकि अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रही। एक ओर सुबह हुई बारिश और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की परेशानी रही, वहीं दूसरी ओर विश्लेषणात्मक प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की उलझन बढ़ाई। हालांकि, हिंदी जैसे विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहने से राहत मिली।
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जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही पुलिस बल तैनात रहा। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच, बायोमीट्रिक सत्यापन और समयबद्ध प्रवेश व्यवस्था के बीच परीक्षा शुरू हुई। केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय से पहले केंद्रों पर पहुंच गए।

लखीमपुर खीरी के गोला गोकरननाथ से परीक्षा देने आए कुनाल वर्मा ने बताया कि परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण उन्हें एक दिन पहले ही बहराइच पहुंचना पड़ा। इससे अतिरिक्त खर्च भी हुआ और मानसिक दबाव भी बना रहा। वहीं अमन कुमार का कहना था कि प्रश्नों का स्तर पहले की तुलना में अधिक बेहतर और चुनौतीपूर्ण था, जिससे यह महसूस हुआ कि भविष्य की परीक्षाओं के लिए तैयारी का स्तर और मजबूत करना होगा।
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लखीमपुर के आकाश कुमार परीक्षा देकर बाहर निकले तो संतुष्ट नजर आए। उनका कहना था कि प्रश्न अच्छे थे और वास्तविक तैयारी की जांच करते थे। हालांकि आसान प्रश्न होने पर कटऑफ बढ़ने की संभावना भी रहती है। वहीं अनुराग पांडेय ने कहा कि प्रश्नों का स्तर अच्छा था, लेकिन कोरोना काल के बाद लंबे समय तक प्रभावित रही पढ़ाई को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए था। टीईटी के पहले दिन दोनों पालियों में कुल 1,121 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। प्रथम पाली में 3,889 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,315 ने परीक्षा दी, जबकि 574 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी 3,839 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 3,292 उपस्थित हुए और 547 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।


कक्ष निरीक्षकों का भी हुआ बायोमीट्रिक सत्यापन

जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर सुबह छह बजे से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह सात बजे से शुरू हुआ और सुबह 9:45 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इस बार नए नियम के तहत अभ्यर्थियों के साथ-साथ कक्ष निरीक्षकों का भी बायोमीट्रिक सत्यापन कराया गया। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से दोपहर 12:05 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 से शाम 5:05 बजे तक संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे।
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