बहराइच। तराई में गर्मी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को भी चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय उमस और बढ़ गई। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से निकले।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा लगभग नौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। कड़ी धूप और बढ़ी नमी के कारण बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से तर-बतर नजर आए।
दोपहर में गर्म हवा और उमस ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को भी गर्मी का सबसे अधिक सामना करना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ी हुई है। यही वजह है कि बादलों की आवाजाही के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का यही दौर जारी रह सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना भी बन रही है।
शहर के चौक बाजार निवासी राजेश कुमार ने बताया कि सुबह से ही गर्मी इतनी अधिक रही कि घर से निकलना मुश्किल हो गया। बादल तो दिखे, लेकिन बारिश न होने से उमस और बढ़ गई। व्यवसायी मोहम्मद सलीम ने कहा कि दिनभर काम करना कठिन रहा। थोड़ी देर धूप में रहने पर ही शरीर थकने लगता है।
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स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. पी तिवारी ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थ पीने के लिए कहा। कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। धूप में निकलते समय सिर ढकें और हल्के सूती कपड़ों का उपयोग करें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।