रुपईडीहा। भारतीय क्षेत्र से तस्करी कर ले जाई जा रही एक नेपाली किशोरी को एसएसबी के जवानों ने सीमा क्षेत्र में रोक लिया। पूछताछ के दौरान तस्करी का खुलासा होने पर उसे नेपाल के एक संरक्षण केंद्र में भेज दिया गया, जबकि तस्कर को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया।
एसएसबी कमांडेंट गिरीश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बृहस्पतिवार को भी सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान भारतीय क्षेत्र से नेपाली सीमा में किशोरी के साथ प्रवेश कर रहे युवक को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने खुद को भाई-बहन बताते हुए अपने घर जाने की बात कही।
संदेह होने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व एक स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ताओं ने दोनों की काउंसिलिंग की। इस दौरान किशोरी से मिली जानकारी के आधार पर नेपाल में एक युवती को वीडियो कॉल कर किशोरी के संबंध में जानकारी मांगी गई। युवती ने किशोरी की मां का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। मां से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह कामकाज के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रहती हैं। उनकी बेटी को नेपाल के एक कारखाने में रहने वाला युवक बहलाफुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस पर किशोरी को नेपाल स्थित एक संरक्षण गृह के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि युवक को नेपाली पुलिस को सौंप दिया गया।