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शिक्षक नदारद तो कहीं बच्चे ही नहीं पहुंचे

Wed, 01 Jul 2015 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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पहले दिन शिक्षण सत्र की शुरुआत तो हुई लेकिन परिषदीय विद्यालयों में कहीं शिक्षक नदारद रहे तो कहीं छात्र ही नहीं पहुंचे। कुछ स्कूलों में जलभराव के चलते छुट्टी का माहौल दिखा। मिड-डे मील के चूल्हे भी ठंडे पड़े रहे। प्राथमिक स्कूलों में 380323 और जूनियर विद्यालयों में पंजीकृत 116952 छात्रों में से उंगलियों पर गिनने भर के छात्र ही स्कूल पहुंचे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बुनियादी शिक्षा व्यवस्था किस तरह कान्वेंट से टक्कर ले सकेगी।
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प्राथमिक विद्यालय मनिकापुर कला पटीहाट पयागपुर के मुख्य गेट पर ताला लटक रहा था। रिमझिम फुहारें पड़ रही थीं। इसी दौरान शिक्षामित्र राजेश्वरी स्कूल की ओर आती दिखीं। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक राधाचरण 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए हैं। स्कूल की चाबी उन्हीं के पास है। इस कारण ताला नहीं खुल सका है। शिक्षामित्र छात्रसंख्या भी नहीं बता पाईं। विद्यालय की भंडारी कुंती, ननकना और मिथिलेश भी स्कूल खुलने का इंतजार कर रही थीं।


जूनियर विद्यालय पटीहाट में प्रधानाध्यापिका मीरा रानी ड्यूटी पर मौजूद रहीं। उनके साथ प्रेरक लक्ष्मी, अन्नू गोस्वामी भी बैठी थीं। लेकिन विद्यार्थी सिर्फ एक। कक्षा छह की छात्रा अंजनी स्कूल में अकेले मौजूद थी, जबकि इस विद्यालय में 150 छात्र पंजीकृत हैं।
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प्राथमिक विद्यालय नाजिरपुरा शहर का विद्यालय होने के चलते यहां छात्र संख्या 190 है लेकिन पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष सिर्फ 12 छात्र मौके पर मिले। प्रधानाध्यापिका विजय लक्ष्मी और सहायक शिक्षिका आराधना तथा सीमा अंजुम छात्र-छात्राओं को पढ़ाती मिलीं। यहां मिड-डे मील बन रहा था।

प्राथमिक विद्यालय नीलकोठी नानपारा स्कूल में प्रधानाध्यापिका बिब्बो बेगम, शिक्षामित्र बीना सिंह और प्रशिक्षु अनामिका श्रीवास्तव मौजूद मिलीं। विद्यालय में 163 छात्र पंजीकृत हैं। लेकिन मौके पर छात्र नहीं मिले। हालांकि रसोइया रामावती, सुशीला, निर्मला औ फातिमा ड्यूटी पर मौजूद मिलीं।

जूनियर विद्यालय ताजपुर नानपारा स्कूल के सामने घुटनों भर पानी भरा हुआ था। सामने ही कूड़े का ढेर लगा था। पानी में होकर किसी तरह स्कूल पहुंचे तो वहां पर प्रधानाध्यापिका सीता देवी मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि वह 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। फिर भी स्कूल का चार्ज देने के चलते वह विद्यालय आई हैं। सहायक अध्यापिका जीनत बेगम के साथ रसोइया सीमा, मंजू मौजूद थीं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि 105 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। मौके पर सिर्फ तीन छात्र-छात्राएं मिले। मिड-डे मील नहीं बना था। सहायक शिक्षिका ने बताया कि जलभराव होने के चलते चूल्हा नहीं जलवाया है। रसोइया घर से कढ़ी चावल बनवाकर लाएगी, तब बच्चे खाएंगे।

दुरुस्त की जाएंगी व्यवस्थाएं: बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि स्कूल का पहला दिन है। मौसम भी गड़बड़ था। फिर भी स्कूल खुले हैं। जहां पर शिकायतें मिली हैं, वहां पर जांच के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। दो दिन में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करवा ली जाएंगी। बीएसए ने कहा कि पुस्तकें बीआरसी केंद्रों पर पहुंच गई हैं। वहां से उठान और वितरण के लिए प्रधानाध्यापकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। चार दिन के अंदर पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
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