बहराइच। टीबी एक गंभीर बीमारी है लेकिन समय से सही इलाज मिलने से व्यक्ति टीबी मुक्त हो जाता है। ऐसे में टीबी के संभावित मरीजों की खोज कर उन्हें इलाज मुहैया कराने के लिए 23 नवंबर से 5 दिसंबर तक आठ लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में एसीएफ (एक्टिव केस फाइंड) अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए ऐसे समूह और क्षेत्रों का चयन किया गया है जहां टीबी के संक्रमण का अधिक खतरा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मलिन बस्ती, उच्च जोखिम वाली जनसंख्या, मदरसा, डीएम कालोनी, एलआरपी कालोनी, अस्पताल कैंपस व कारागार के अलावा ईंट भट्ठों और साप्ताहिक बाजारों में अभियान चलाकर टीबी मरीजों को खोजा जाएगा। चिन्हित लक्षण वाले व्यक्तियों के बलगम की जांच की जाएगी। जांच में पाए गए धनात्मक रोगियों का इलाज किया जायेगा।
अर्बन सहित 10 ब्लॉकों में चलेगा अभियान
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. एमएल वर्मा ने बताया कि टीबी के संभावित मरीजों को खोजने के लिए करीब 8 लाख की आबादी में अभियान चलाया जाएगा। इसमें बहराइच शहर सहित हुजूरपुर, मोतीपुर, तेजवापुर, रिसिया, पयागपुर, कैसरगंज, जरवल और फखरपुर आदि को शामिल किया गया है। इसके लिए 320 टीम और 64 सुपरवाइजर लगाए गए हैं जो 1.60 लाख घरों का भ्रमण करेंगे।
इन लक्षणों पर कराएं टीबी की जांच
- दो सप्ताह से अधिक खांसी और बुखार होने पर
- सीने में दर्द रहने पर
- खांसी के साथ खून आने पर
- भूख न लगने पर, वजन घटने पर