बहराइच। तराई में मौसम दिनोंदिन बदल रहा है। जिससे लोग विभिन्न तरह के बुखारों की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी, जुखाम के साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। बुखार से पीड़ित होकर मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों से सभी वार्ड लगभग फुल हो गए हैं। स्वाइन फ्लू की जांच किट उपलब्ध न होने से स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों का सैंपल लखनऊ भेजा जा रहा है। जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे प्लेट भी खत्म हो चुकी हैं। जिससे मरीजों को एक्स-रे कराने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष परिस्थितियों में एक्स-रे कराने पर मरीजों को रिपोर्ट उनके मोबाइल पर दी जा रही है।
डेंगू समेत अन्य बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं। डेंगू के सर्वाधिक मरीज तहसील नानपारा क्षेत्र से सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू व चिकनगुनिया का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। स्वाइन फ्लू की जांच किट मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध न होने से अधिकांश मरीज निजी नर्सिंग होम अथवा लखनऊ की शरण ले रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर उनका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। हालांकि अभी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों में से किसी से स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की बात सामने नहीं आई है। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिदिन काफी संख्या में बुखार से पीड़ित रोगी मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। यहां गंभीर स्थिति वाले रोगियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
बुधवार को डेंगू से पीड़ित तीन रोगियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन गुरुवार को डेंगू से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़कर 20 पहुंच गई है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम डॉ.दिनेश चंद्र ने डेंगू वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। अभी तक स्वाइन फ्लू की जांच किट उपलब्ध न होने से मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। अब मेडिकल कॉलेज स्थित रेडियोलॉजी विभाग में एक्स-रे प्लेट खत्म हो जाने का खामियाजा भी मरीजों को उठाना पड़ रहा है। अधिकांश मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए निजी पैथोलॉजियों का रुख करना पड़ रहा है तो मेडिकल कॉलेज में भर्ती रोगियों का एक्स-रे करने पर उन्हें जांच रिपोर्ट उनके मोबाइल पर दी जा रही है। गुरुवार को एक्स-रे प्लेट उपलब्ध न होने के कारण काफी संख्या में मरीजों को बिना एक्स-रे कराए ही वापस लौटना पड़ा।
केस-1
नगर के मोहल्ला गुल्लावीर निवासी अलीमुन्निशां ने बताया कि वह एक्स-रे कराने मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में आई थीं, लेकिन एक्स-रे प्लेट उपलब्ध न होने की वजह से उन्हें वापस कर दिया गया है। अब उन्हें निजी सेंटर पर एक्स-रे कराना पड़ेगा।
केस-2
मोहल्ला चांदपुरा निवासी शकीला भी चिकित्सक की सलाह पर अपने हाथ का एक्स-रे कराने रेडियोलॉजी विभाग में आई थीं। उन्हें भी एक्स-रे प्लेट उपलब्ध न होने की बात कहकर बाहर से एक्स-रे कराने भेज दिया गया।
मंगाई जा रही है एक्स-रे प्लेट
एक्स-रे प्लेट काफी कम संख्या में ही बची हैं। ऐसे में गंभीर रोगियों को ही एक्स-रे प्लेट उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे उन्हें इलाज में दिक्कत न हो। अन्य रोगियों की जांच रिपोर्ट उनके मोबाइल पर ही दी जा रही है। शीघ्र ही एक्स-रे प्लेट उपलब्ध कराने के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिससे यह समस्या समाप्त हो सके।-डॉ.एके साहनी, प्राचार्य।