बहराइच/बिछिया। लगातार हो रही बारिश से सरयू उफान पर है। बुधवार को चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.19 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी अब खतरे के निशान से तीन सेमी ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। महसी क्षेत्र में जहां कई गांवों में पानी घुस चुका है, वहीं संपतपुरवा में दो मकान नदी की धारा में समा गए।
केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.10 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान से तीन सेमी ऊपर है। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से नदी का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अनुमान है कि बैराज से छोड़े गए पानी के चलते जलस्तर और भी ऊपर जा सकता है।
महसी तहसील के प्रधानपुरवा, माझा दरियाबुर्द, महंतपुरवा समेत करीब आठ गांवों में नदी का पानी घुसने लगा है। गांवों के रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। महंतपुरवा के ग्रामीण शिवकुमार और जनक ने बताया कि गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है और अब घरों तक पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
मिहींपुरवा विकास खंड में नदी के मुहानेपर बसे संपतपुरवा गांव निवासी रामू और गंगा के आधे मकान पहले ही कट चुके थे, जलस्तर बढ़ने के बाद गांव के निकट नदी के घुमाव के कारण दोनों ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने के बावजूद अब तक राहत और बचाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया, जिससे गांवों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन सतर्क, लेकिन राहत नदारद
तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं और हर घंटे की रिपोर्ट ली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अभी तक बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन हालात बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।