श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन, पाठ्य पुस्तक व ड्रेस आदि वितरण कराने के लिए डीएम द्वारा विकास खंडवार नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं जिनके सुपरविजन के लिए सीडीओ व एडीएम को नामित किया गया है। योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता पर नोडल अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदार माने जाएंगे।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षणरत छात्र-छात्राओं को समय से न तो निशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया हो रही हैं और न ही गुणवत्तापूर्ण ड्रेस ही मिल रही है।
इतना ही नहीं, कई विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का चूल्हा भी ठंडा पड़ा है। वहीं कई विद्यालयों में मीनू के अनुसार छात्रों को पौष्टिक मध्याह्न भोजन भी नहीं मिल रहा है।
इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आर. विक्रम सिंह द्वारा मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह को हरिहरपुररानी का नोडल अधिकारी नामित किया है।
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी आरबी सोनकर को इकौना, उप कृषि निदेशक सय्यद बदरे आलम को गिलौला, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार को सिरसिया तथा उपायुक्त मनरेगा राघवेंद्र सिंह को जमुनहा विकास क्षेत्र का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी को अन्य सभी विकास खंडों का सुपर नोडल अधिकारी भी बनाया है। जिनके द्वारा विभागीय कार्यों का सुपरविजन भी किया जाएगा।
डीएम ने नामित नोडल अधिकारियों को आवंटित विकास खडों में सप्ताह में कम से कम दो परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण करने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पाठ्य पुस्तक वितरण, ड्रेस वितरण की गुणवत्ता, विकास अनुदान से होने वाले कार्यों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के संचालन, साक्षर भारत मिशन की स्थिति, विद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता, अध्यापकों व छात्रों की उपस्थिति आदि की जांच करने तथा हर स्थिति से डीएम को अवगत कराने को कहा है। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता को अक्षम्य बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।