पर्यावरण शिक्षण केंद्र व कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की ओर से आयोजित डॉल्फिन मेला तथा जागरूकता शिविर का आयोजन बुधवार को दूसरे दिन कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ सफारी के निकट हुआ। इस मौके पर मेले में शामिल होने आए विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राओं ने डॉल्फिन की सुरक्षा और संरक्षा का संदेश देते हुए पोस्टर प्रदर्शनी लगाई। डॉल्फिन को पूज्य बताते हुए उसकी सुरक्षा से ही सुख समृद्धि मिलने की बात कही। अधिकारियों ने पोस्टर प्रदर्शनी को काफी सराहा।
कतर्नियाघाट रेंज में आयोजित डॉल्फिन मेला व शिविर का उद्घाटन प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध ने फीता काटकर किया। इस मौके पर डीएफओ आशीष तिवारी ने डॉल्फिन की सुरक्षा और संरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए छात्रों के साथ आसपास के ग्रामीणों को भी डॉल्फिन को सहेजने के टिप्स बताए।
इस मौके पर जरवल, बौंडी, गोंडा के कर्नलगंज, इलाहाबाद, वाराणसी, मेरठ, बिजनौर, बिहार, बेगूसराय, गोपालगंज, बेतिया, बगहा, मुजफ्फरपुर और पूवी चंपारन जिलों से आए छात्र-छात्राओं ने डॉल्फिन की सुरक्षा और संरक्षा का संदेश देते हुए पोस्टर प्रदर्शनी लगाकर लोगों को जागरूक किया। समाज कल्याण राज्यमंत्री और डीएफओ के साथ अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनी का मुआयना कर छात्र-छात्राओं की हौसला आफजाई की। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी विद्याभूषण सिंह ने डॉल्फिन की प्रकृति और सुरक्षा के टिप्स सुझाए।
मेले में तराई एजुकेशनल एकेडमी आंबा के छात्रों ने बॉस व बेत से बने हुए आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई। जबकि वनांचल विद्यालय बिछिया के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की। इस मौके पर कतर्नियाघाट वेल्फेयर सोसायटी के आबिद रजा, रेंजर कतर्नियाघाट गयादीन, डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।