जिले में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के अधिकारी व कर्मचारी मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इसके चलते शहर, कस्बे और गांवों में स्थित सभी 93 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। किसी भी शाखा का ताला नहीं खुला। बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर समस्याएं दूर करने की मांग की। सुनवाई न होने पर आंदोलन को और वृहद करने की भी चेतावनी दी।
ग्रामीण बैंक यूनियन्स के संयुक्त फोरम के आह्वान पर मंगलवार को जिले में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की सभी 93 बैंक शाखाओं में हड़ताल रही। सुबह 10 बजे कर्मचारी बैंक पहुंचे तो जरूर, लेकिन ताला नहीं खुलने दिया। बैंक परिसर के बाहर सभी ने नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए लंबित समस्याओं के निराकरण की आवाज उठाई।
शहर में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पीपल तिराहा के निकट स्थित शाखा कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर सभा की। आंदोलन की अगुवाई संगठन के राष्ट्रीय परिषद सदस्य राजकुमार मिश्र ने की। उन्होंने ग्रामीण बैंक कर्मियों को पेंशन व्यवस्था का लाभ देने की मांग की।
स्टेट फेडरेशन के संयुक्त सचिव एमपी सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या निर्धारण संबंधी मित्रा कमेटी की रिपोर्ट का विरोध आवश्यक है। फिर भी समुचित व्यवस्था के अभाव में बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहेगा। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राना अनिल सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष ओमपाल सिंह ने कर्मचारियों की एकजुटता पर बल दिया।
साथ ही सभी समस्याओं का निराकरण न होने पर आंदोलन को और वृहद बनाने की बात कही। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एक दिन की हड़ताल से जिले की 93 बैंक शाखाओं में 25 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। इनमें लगभग 12 करोड़ की चेक क्लीयरिंग का काम ठप रहा। सभा को घनश्याम त्रिपाठी, शेखर शर्मा, एसएन सिंह, जमील अहमद ने भी संबोधित किया। इस मौके पर 150 से अधिक बैंक कर्मी और अधिकारी मौजूद रहे।