बहराइच। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोशिएशन के बैनर तले गुरुवार को बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। बैंकों में तालाबंदी कर सभी ने मुख्य गेट पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इसके बाद इलाहाबाद बैंक परिसर में सभा कर सरकार पर 16 जून को हुए समझौते की अनदेखी का आरोप लगाया। हड़ताल के चलते बहराइच में 60 करोड़ का कारोबार ठप रहा।
प्रदर्शन और सभा के बाद बैंक कर्मियों ने वित्त मंत्री तथा रिजर्व बैंक के अधिकारियों को पांच सूत्री ज्ञापन भेजकर समस्याओं के निराकरण की आवाज उठाई।
इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक व अन्य बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी अरसे से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तर्ज पर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा स्टाफ बढ़ोतरी, आवासीय ऋण, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति व सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप बैंक का संचालन करने की आवाज उठा रहे हैं।
इस मामले में 16 जून को ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और उप श्रमायुक्त नई दिल्ली के बीच बैठक में समझौता भी हुआ था, जिसमें सभी समस्याओं का निराकरण कर बैंक कर्मियों को समुचित सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन मिला था।
लेकिन, छह माह बीतने के बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। इसी कारण गुरुवार को बैंक कर्मी पीपल चौराहे के निकट स्थित इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा परिसर में इकट्ठा हुए।
यहां सभी ने नारेबाजी कर 16 जून को हुए समझौतों के अनुरूप समस्याओं का निराकरण कर सुविधा प्रदान करने की आवाज उठाई। नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद सभा हुई।
इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कुमार, कोषाध्यक्ष लालजी जायसवाल, मंत्री केके अवस्थी ने सरकार पर हठधर्मी और श्रम शोषण का आरोप लगाया। चेतावनी भी दी कि समस्याओं के निराकरण के लिए संघर्ष और तेज किया जाएगा।
सभा को ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एबी थापा, विजया बैंक के अभिषेक, बैंक ऑफ इंडिया के विवेक कुमार, सिंडीकेट के अभिषेक कुमार, केनरा बैंक के आदित्य प्रसाद, इलाहाबाद बैंक के शिवा जी, महेश आदि ने संबोधित किया।
इसके बाद पांच सूत्री ज्ञापन वित्तमंत्री और उप श्रमायुक्त नई दिल्ली तथा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भेजा गया। बैंकों की हड़ताल के चलते बैंक की सेवाएं चरमराएं रहीं। लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।