बहराइच। निकाय चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को हुए मतदान में मतदाताओं ने आठ निकायों के प्रत्याशियों के भाग्य का पर मोहर लगाई। अब 13 मई को मतपेटियां खुलने के बाद ही यह पता लगेगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा। निर्दल प्रत्याशी कई जगह मजबूत दिख रहे हैं लेकिन वहीं भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस के प्रत्याशी भी कहीं से कम नहीं दिख रहे।
वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में दो नगर पालिका व दो नगर पंचायतों में चुनाव हुए थे। इसमें सदर नगर पालिका व रिसिया नगर पंचायत में निर्दल प्रत्याशियों ने चुनाव जीता था। इसके अलावा नानपारा नगर पालिका व जरवल नगर पंचायत में पहली बार कांग्रेस ने अपना परचम लहराया था। वर्ष 2000 में शहर सीट पर भाजपा पहली बार भाजपा ने चुनाव जीता था। इस बार चार नई नगर पंचायतों पयागपुर, मिहींपुरवा, कैसरगंज व रूपईडीहा में भी चुनाव हुआ है।
नगर पालिका परिषद बहराइच : त्रिकोणीय संघर्ष के आसार
शहर की नगर पालिका परिषद में इस बार के चुनाव में भाजपा, सपा व एक निर्दल प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है। निर्दलीय प्रत्याशी इससे पहले जीत दर्ज कर चुकी हैं। जबकि बीजेपी जिलाध्यक्ष की पत्नी के चुनाव लड़ने के चलते इस बार भाजपा ने भी चुनाव अच्छा लड़ा है। लेकिन जिस तरह से हालात सामने आ रहा है उससे निर्दल व भाजपा के साथ सपा भी लड़ाई में दिख रही है।
नगर पालिका परिषद नानपारा : निर्दलीय, बीजेपी व बसपा में टक्कर
नानपारा नगर पालिका परिषद में सीधी टक्कर निर्दलीय व भाजपा और बसपा प्रत्याशी के बीच है। यहां पर सपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा था। वहीं कांग्रेस व आप के प्रत्याशी भी यहां मैदान में है। जबकि जो बीते चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी ने इस बार निर्दलीय उतरकर हर किसी को कड़ी टक्कर दी है।
नगर पंचायत पयागपुर : त्रिकोणीय संघर्ष के आसार
पहली बार अस्तित्व में आई नगर पंचायत पयागपुर में भी त्रिकोणीय संघर्ष के आसार है। यहां पर सपा के पूर्व विधायक के भाई मैदान में है। जबकि भाजपा, सपा के साथ निर्दलीय के बीच सीधी मुकाबला है। यहां बसपा, कांग्रेस व आप के प्रत्याशी भी चुनाव लड़े हैं और इनकी भी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
नगर पंचायत कैसरगंज : भाजपा, सपा व बसपा में टक्कर
पहली बार अस्तित्व में आई नगर पंचायत कैसरगंज का हाल देखें तो यहां पर बीजेपी, सपा व बसपा के बीच सीधी टक्कर है। हालांकि यहां पर आप व कांग्रेस के प्रत्याशी भी चुनाव में मैदान में रहे और इनके भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
नगर पंचायत जरवल : आप भी मैदान में, हो सकता है उलटफेर
नगर पंचायत जरवल में कांग्रेस, सपा, बीजेपी, बसपा के साथ आम आदमी पार्टी भी मैदान में है। लेकिन इस बार के चुनाव में यहां पर निर्दल प्रत्याशी के साथ आप भी लड़ाई में बनी है। ऐसे में यहां के नतीजे उलटफेर वाले भी हो सकते है। निर्दलीय का भी यहां बोलबाला है।
नगर पंचायत रूपईडीहा : बीजेपी व निर्दलीय के बीच टक्कर
नगर पंचायत रूपईडीहा पर नजर डाले तो यहां पर बीजेपी व निर्दल प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होने के आसार है। हालांकि यहां आप, सपा भी लड़ाई में हैं। जबकि कांग्रेस व बसपा यहां से चुनाव नहीं लड़ रही है। पहली बार नगर पंचायत बनी रूपईडीहा में नतीजे भी चौंकाने वाले हो सकते है।
नगर पंचायत मिहींपुरवा : सपा, भाजपा व निर्दलीय में टक्करपहली बार नगर पंचायत का दर्जा पाने वाले मिहींपुरवा में भी सपा, भाजपा के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होने के आसार है। जबकि यहां बसपा व आम आदमी पार्टी का भी जोर है।
नगर पंचायत रिसिया : बीजेपी व निर्दलीय का जोर
नगर पंचायत रिसिया में इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी का जोर है। इसके साथ ही यहां बीजेपी, सपा, बसपा व आम आदमी पार्टी ने भी दम दिखाया है। अब आने वाले 13 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद ही पूरी हकीकत सामने अ सकेगी।
नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर : निकाय चुनाव में बेेेहतर प्रदर्शन हो इसके लिए सभी राजनीतक दलों के नेता जुटे रहे है। यह चुनाव भाजपा के सभी विधायकों, सांसद व एमएलसी की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही सपा के पूर्व मंत्री व विधायक की प्रतिष्ठा भी चुनाव में दांव पर लगी है। इसी तरह कांग्रेस जिलाध्यक्ष के सामने भी चुनाव में बेेहतर प्रदर्शन की चुनौती है। बसपा, आप अन्य पार्टी भी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर मतदाताओं के बीच पैठ बनाने की कोशिश की है।