बहराइच। नगर निकाय चुनाव के दौरान बृहस्पतिवार को कुछ बूथों पर गहमागहमी देखने को मिलीं। अकबरपुरा स्थित एक बूथ पर एक युवक को पकड़ा गया। लोगाें ने उसे फर्जी बीएलओ बताकर हंगामा किया। दो पीठासीन अधिकारियों पर भी मतदाताओं ने तानाशाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया। बूथ के बाहर दो एजेंट भिड़ गए। समय रहते प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत करवाया।
वार्ड नंबर 24 अकबरपुरा के बूथ संख्या पर 120 पर बृहस्पतिवार को एक युवक ने घुसने का प्रयास किया। वहां मौजूद अन्य लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि युवक खुद को बीएलओ बताकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहा था, जबकि बीएलओ दूसरा है। लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। युवक का नाम राजा बताया जा रहा है।
कुछ समय बाद इसी बूथ पर एक बार फिर गहमागहमी का माहौल बना। जब पीठासीन अधिकारी पर कुछ मतदाताओं ने जबरन वोट न डालने देने का आरोप लगाया। मतदाताओं का आरोप था कि पीठासीन अधिकारी उन्हें मताधिकार से उन्हें वंचित कर रहे है। विवाद की जानकारी होते ही सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, एएसपी सिटी कुंअर ज्ञानंजय सिंह मौके पर पहुंचे और विवाद को शांत करवाया।
ऐसा ही आरोप वार्ड नंबर 25 मेवातीपुरा के बूथ संख्या 131 के पीठासीन अधिकारी पर भी लगा। वहां मतदान करने गई पिंकी, गुड़िया, सोएब, काजू आदि को पीठासीन अधिकारी ने मात्र इसलिए वापस कर दिया क्योंकि उनके पास हस्तलिखित मतदान पर्ची थी। मतदाताओं को बाहर करने पर लोग भड़क उठे। एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और घंटों बाद हस्तलिखित पर्ची वाले मतदाताओं का वोट पड़ सका। इस दौरान दर्जनों मतदाता मायूस होकर चले गए।
पुलिस लाइन स्थित बूथ के बाहर मौजूद प्रत्याशियों के दो एजेंट आपस में भिड़ गए। इसके बाद विवाद की स्थिति बन गई। जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। इस बूथ पर कई बार एजेंटों में नोकझोंक देखने को मिली।
बीएलओ ने बलहा विधायक प्रतिनिधि पर लगाया धमकाने का आरोप
नवसृजित नगर पंचायत मिहींपुरवा के वार्ड नंबर 12 के कक्ष संख्या 21 मतदान केंद्र कुड़वा पर तैनात बीएलओ मुकेश कुमार ने गंभीर आरोप लगाए। बीएलओ व सहायक अध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि वह राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे थे। इसी दौरान लिस्ट से मिलान करने पर एक मतदाता की पर्ची सही पाई गई। इस पर उसे मतदान के लिए अंदर भेज दिया। इसके बाद कुछ एजेंटों ने उसे फर्जी वोटर बताया। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि ने फोन पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। बीएलओ के आरोप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।