रुपईडीहा में हाइवे पर जलभराव के कारण पीठ पर युवक को लादकर रास्ता पार करता युवक।
- फोटो : रुपईडीहा में हाइवे पर जलभराव के कारण पीठ पर युवक को लादकर रास्ता पार करता युवक।
बहराइच। जिले में सोमवार सुबह आंधी-बारिश लोगों के लिए कहर बन गई। आंधी से खंभे, तार टूटने से शहर से गांव तक बिजली संकट पैदा हो गया। वहीं, सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक श्रमिक की हो गई, जबकि रूपईडीहा में हाईवे पर जलभराव से मरीजों को पीठ पर लादकर ले जाना पड़ा। बारिश में संजय सेतु के विकल्प के रूप में बना अस्थायी पीपा पुल धंसने से दो घंटे आवागमन बाधित रहा। सुबह नौ बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इससे पहले ऐसे बादल छाए कि कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया। मौसम में इस परिवर्तन से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
सुबह आंधी-बारिश के बीच बिजली गिरने से चपेट में आकर कैसरगंज नत्थनपुरवा निवासी रूपनारायण (53) की मौत हो गई। वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर लौट रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। विशेश्वरगंज प्रतिनिधि के अनुसार आंधी-बारिश से आम की फसल को तगड़ा नुकसान पहुंचा। रिसिया प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से इंदिरा नगर, आजाद नगर, सरस्वती नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। रेलवे अंडरपास भी पानी से भर गया, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
बिछिया प्रतिनिधि के अनुसार, कतर्नियाघाट इलाके में तेज बारिश के चलते रेलवे स्टेशन पर यात्री परेशान दिखे और आवागमन प्रभावित रहा। बौंडी प्रतिनिधि के अनुसार, अमवा तेतारपुर गांव में बारिश से सड़क तालाब बन गई है। बाबागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तेज हवा से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। चरदा प्रतिनिधि के अनुसार, तेज आंधी और बारिश से आम के पेड़ों से फल गिर गए, जिससे बागबानों को नुकसान हुआ है।
फीडर पर गिरा पेड़, आठ घंटे ठप रही बिजली
तेज आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। बौंडी प्रतिनिधि के अनुसार, तेजवापुर पावर हाउस के हरियाली फीडर पर पेड़ गिरने से करीब आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही और 200 से ज्यादा घर अंधेरे में डूबे रहे। जरवलरोड प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी में पांच स्थानों पर विद्युत पोल उखड़ गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। विभागीय टीम देर रात तक मरम्मत कार्य में जुटी रही।