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विवादित जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंची भीड़, जमकर हुआ पथराव

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बहराइच। शहर के मोहल्ला नाजिरपुरा में एक विवादित जमीन पर तोड़फोड़ करने के लिए जेसीबी मशीन के साथ भारी संख्या में लोग पहुंच गए। पूर्व सभासद ने मकान के सामने हो रही तोड़फोड़ का विरोध किया तो सभी ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में पूर्व सभासद समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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तीन घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। थाने में भी पकड़कर लाए गए लोगों ने जमकर हंगामा काटा। पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार करते हुए केस दर्ज कर लिया है। सभी को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली नगर अंतर्गत मोहल्ला नाजिरपुरा निवासी मिज्जन मिर्जा पूर्व सभासद हैं। उनके घर के सामने खाली जमीन पड़ी थी। जिस पर एक सप्ताह पूर्व उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया था। जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया। नगर मजिस्ट्रेट के निर्देश पर काम बंद करा दिया गया था। पूर्व सभासद ने न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया।
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इसी बीच मंगलवार रात करीब तीन बजे 50-60 लोग एकत्रित होकर विवादित जमीन पर तोड़फोड़ करने के लिए पहुंच गए। सभी ने जेसीबी मशीन लगाकर निर्माण को तोड़ने का प्रयास किया। जिसका पूर्व सभासद व परिवार के लोगों ने विरोध किया। जिस पर सभी ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में पूर्व सभासद के हाथ में गहरा घाव हो गया।
वहीं शुएब अहमद व शहजाद भी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस जेसीबी को लेकर कोतवाली चली आई। जिस पर सभी ने कोतवाली में पहुंचकर यहां भी हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शुएब अहमद की तहरीर पर 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मौके से मुन्ना, तलहा, दानिश, इरफान, शीबू, सोनू, रिजवान, उस्मान, चुन्नेबाबू, चुन्ना समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक सर्वेंद्रनाथ ने बताया कि 14 नामजद व 30 अज्ञात के खिलाफ हमला, बलवा, उपद्रव और न्यायालय के आदेश की अवहेलना की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार सभी लोगों को जेल भेज दिया गया है।
पहले जाती पुलिस तो नहीं होती घटना
एक सप्ताह पहले पूर्व सभासद मिज्जन मिर्जा द्वारा निर्माण के लिए खोदाई कराई जा रही थी। तभी भीड़ ने पहुंचकर खोदी गई जमीन को पाटना शुरू कर दिया था। लेकिन पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित द्वारा तीन बार प्रार्थना पत्र देकर बलवे की आशंका जतायी। लेकिन पुलिस तब भी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
मंगलवार को हुए उपद्रव के बाद भी पुलिस महज शांतिभंग की कार्रवाई तक ही सीमित रहना चाहती थी। मगर पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस को मजबूरन बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
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