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Bahraich News: कहीं फीडर दगा तो कहीं ट्रांसफार्मर, उपभोक्ता परेशान

Mon, 31 Jul 2023 10:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। जिले में बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में बिजली न आने से लोग परेशान हैं। वहीं पानी की समस्या भी बनी हुई है। यही हाल शहरी क्षेत्र का भी है। इस भीषण चिपचिपाहट भरी गर्मी में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती से जिलेवासी परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली कटौती का सिलसिला समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है।
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ओवरलोडिंग से कहीं फीडर दगने से आपूर्ति बाधित हो रही है, तो कहीं तार टूटने से बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। व्यवस्था को दुरुस्त कराने में विभाग के कर्मचारी घंटों हांफते नजर आते हैं। लेकिन इसके बावजूद बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट रही है।
विद्युत आपूर्ति ठप होने के दौरान उपकेंद्र के अधिकारियों का या तो मोबाइल स्विच ऑफ हो जाता है, या उनका फोन रिसीव नहीं होता है। ऐसे में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता लोड से अधिक बिजली का उपभोग कर रहें हैं। इसलिए समस्या बनी हुई है।
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शहर में भी जारी है ट्रिपिंग का सिलसिला
शहर के रायपुरराजा, नौवागढ़ी, बड़ीहाट, छावनी, मीराखेलपुरा, स्टीलगंज समेत कई मोहल्लों में दिन से रात तक बिजली की आवाजाही का सिलसिला सोमवार को भी चलता रहा। इसके अलावा कई मोहल्लों में तो लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। लो-वोल्टेज की समस्या के चलते मोहल्लेवासियों के विद्युत उपकरण जवाब दे रहे हैं। बिजली की आवाजाही व लो-वोल्टेज से लोगों को इस चिपचिपाहट भरी गर्मी में खासा परेशान होना पड़ रहा है।
ट्रांसफार्मर जलने से कस्बे की 15 हजार की आबादी परेशान
रूपईडीहा कस्बे की बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट रही है। बता दें कि बीते रविवार की शाम करीब सात बजे मालगोदाम रोड के पास लगा जर्जर ट्रांसफार्मर जल जाने से क्षेत्र की एक हजार से अधिक आबादी 18 घंटे से इस भीषण गर्मी मेें बिजली व पानी के लिए तरस रही है। हालात यह बन गए हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने काे विवश हैं।
स्थानीय निवासी अवधेश कुमार गुप्ता, नीरज कुमार, बैजनाथ गुप्ता आदि ने उपकेंद्र के जेई रामगोपाल अनमोल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इनके आने के बाद से कस्बे की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। सभी का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद उसी ट्रांसफार्मर को ठोंक पीटकर किसी तरह संचालित करा दिया जाता है।
ऐसे में आए दिन ट्रांसफार्मरों के जलने का सिलसिला समाप्त नहीं हो रहा है। जेई के नंबर पर जब काल की जाती है, तो उनका मोबाइल रिसीव नहीं होता है। मामले मेें जब जेई अनमोल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि शाम तक दूसरा ट्रांसफार्मर आ जाएगा। उसको बदलकर आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।

छह घंटे मिल रही है आपूर्ति
फखरपुर कस्बे की बिजली आपूर्ति का रोस्टर 18 घंटे है। सुबह नौ से 12 और दोपहर दो से पांच बजे तक कटौती का रोस्टर शासन की ओर से निर्धारित है। लेकिन यहां 18 घंटे के सापेक्ष महज छह घंटे की ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। हालात यह हैं कि कस्बे में कहीं तार टूटकर गिर रहे हैं, तो कहीं फीडर दग रहे हैं।
विभाग की उदासीनता से कस्बे की करीब दो लाख से अधिक की आबादी को बिजली-पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। क्षेत्र के उपभोक्ता बृजेश शुक्ला, रमजान, मेराज, अजहर, देशराज आदि का कहना है कि आए दिन बिजली की लाइनों के टूटने का सिलसिला चलता रहता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब-जब विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, तो उपकेंद्र का नंबर बंद हो जाता है। इससे बिजली के आपूर्ति की सही स्थित का पता नहीं चल पाता है।
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