नानपारा(बहराइच)। कृत्रिम ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा की ओर से मिहींपुरवा में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसानों को सौर ऊर्जा की उपयोगिता व सौर ऊर्जा यंत्रों को लेकर शासन की ओर से दी जा रही सब्सिडी की जानकारी दी गयी।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. केएम सिंह ने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली व महंगे ईंधन चलित पंप किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। ऐसे में सौर ऊर्जा चलित कृषि पंपों का प्रयोग कर सकते हैं। पंप उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से कुसुम योजना चलायी जा रही है। जिसके तहत किसान पंप की कुल लागत का 10 प्रतिशत भुगतान कर सोलर प्लांट लगा सकते हैं।
इस योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार की ओर से 30-30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। वहीं 30 प्रतिशत तक का ऋण बैंकों की ओर से दिया जाता है। कृषि वैज्ञानिक रेनू आर्या ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सौर ऊर्जा संचालित सोलर कुकर, सोलर लाइट, पानी गर्म करने की मशीन आदि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन यंत्रों के प्रयोग से रसोई के बजट को कम किया जा सकता है। इस दौरान डॉ. अरुण कुमार, डॉ. हर्षिता, किसान शिवशंकर सिंह, राम प्रवेश मौर्या, मनीष कुमार सिंह, सोमवर्धन पांडेय, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।