बहराइच। नानपारा-मैलानी रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया है। ऐसे में अब कतर्निया के वन्यजीवों की सुरक्षा तो हो सकेगी, मगर क्षेत्र के लोगों की यादों में ही ट्रेन रह जाएगी। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने यह कदम उठाया है। मगर जनता की मुश्किलों का हल एक यक्ष प्रश्न के रूप में खड़ा हुआ है। इस मामले को जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं।
नानपारा-मैलानी रेल खंड पर रविवार से रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया। आजादी के पहले से शुरू हुई रेल लाइन पर 16 फरवरी शायद पहला दिन रहा है, जिस दिन कोई ट्रेन रेल लाइन पर न गुजरी हो। रेलवे के अधिकारियों नेे वन विभाग द्वारा दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद यह कदम उठाया है। मगर रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को नजरंदाज किया। बहराइच के इतिहास में 16 फरवरी का दिन काफी अहम हो जाएगा।
आठ लाख की आबादी के आवागमन का सबसे सस्ता साधन रेल ही थी। अब यहां से सफर करने वाले लोगों को अपनी जेबें ढीली करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 20 से 25 रुपये में तय होने वाला सफर 100 से अधिक रुपये खर्च कर पूरा हो सकेगा। नानपारा से बिछिया के बीच चलने वाली ट्रेन अब सिर्फ यादों में ही रह जाएगी। हालांकि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से उनकी राय लेने के लिए प्रयास किया गया, मगर सांसद अक्षयवरलाल गोंड का फोन नहीं मिला। जबकि बलहा विधायक सरोज सोनकर के एक मांगलिक कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण फोन उठाने वाले व्यक्ति ने उनसे बात करा पाने में असमर्थता जताई।