महसी/जरवलरोड। तराई और नेपाल के पहाड़ों पर हुई वर्षा के चलते घाघरा नदी फिर उफना गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे का निशान 106.07 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर 106.276 मीटर पर बह रही है।
दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है। अचानक नदी के उफनाने से महसी तहसील के निचले इलाकों में बसे सात गांव नदी के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे अफरा तफरी मची हुई है। एसडीएम ने क्षेत्र का मुआयना किया लेकिन अब तक राहत व बचाव कार्य शून्य है।
घाघरा के उफनाने से महसी तहसील क्षेत्र के निचले इलाके में बसे पचदेवरी, लोनियनपुरवा, गोलागंज खास, सेमरही, तूलापुर और अहिरनपुरवा गांव नदी के पानी से घिर गए हैं। ग्रामीण संपत्ति समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
उपजिलाधिकारी महसी सीपी तिवारी ने अमले के साथ प्रभावित गांव का दौरा कर राजस्वकर्मियों को 24 घंटे क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि जो गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं, वहां नाव की व्यवस्था कराई जा रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
उधर, कैसरगंज तहसील क्षेत्र के जरवल से सटे आदमपुर रेवली तटबंध के उस पार भी उफनाई घाघरा से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, महसी के पचदेवरी गांव में घाघरा कटान कर रही है। यहां पर गांव निवासी अमिरका और आफत अली के मकान कटान की भेंट चढ़े हैं।