मैकूपुरवा गांव में रविवार की रात आग लगने से छह ग्रामीणों के आशियाने जल गए। किसी तरह परिवारीजनों ने भागकर जान बचाई। आग से घरों में रखा सारा सामान जल गया। तीन घंटे में ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। छह परिवारों के करीब 60 लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं। घटना की सूचना तहसील को दी गई है, लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। पीड़ित परिवारों के पास न खाने को अनाज है और न पहनने को कपड़े।
महसी तहसील क्षेत्र के मैकूपुरवा गांव निवासी रामपाल रविवार की रात परिवारीजनों के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे अचानक मकान के छप्पर में आग लग गई। परिवारीजनों को काफी देर बाद पता चला तो हड़कंप मच गया।
पहले तो सभी ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों से अपने को घिरता देख भागकर जान बचाई। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आग की लपटों ने पड़ोसी विनोद कुमार, रामछबीले समेत और पांच मकानों को आगोश में ले लिया। ग्रामीणों ने पास के खेत में स्थित पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन घंटे मशक्कत के बाद काबू पर काबू पाया जा सका।
आग से ग्रामीणों के घर में रखे कपड़ा, बर्तन, अनाज, महिलाओं के जेवरात व अन्य सामान जल गया। ग्रामीणों के मुताबिक नौ लाख से अधिक की संपत्ति आग की भेंट चढ़ी है। छह परिवारों के 60 सदस्य बेघर हो गए हैं। ग्राम प्रधान अनूप सिंह ने अग्निकांड की सूचना रात में ही तहसील के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। जिसके चलते पीड़ित खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि अग्निकांड पीड़ितों को कोटेदार के सहयोग से अनाज की व्यवस्था कराई गई है। अधिकारियों को पुन: मामले से अवगत कराया गया है। मुआयना करवाकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।