डीएम के बुलाने पर तुरंत हाजिर न होना जिला पंचायत राज अधिकारी को भारी पड़ गया। नाफरमानी से नाराज डीएम ने एडिशनल एसपी को आदेश दिया कि तत्काल डीपीआरओ को पकड़कर उनके सामने पेश किया जाए।
लेकिन पकड़ने से पहले ही डीपीआरओ डीएम के कैंप कार्यालय पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें बाहर ही गैर कानूनी तरीके से अभिरक्षा में ले लिया। उन्हें लगभग एक घंटे बाद डीएम के आदेश पर छोड़ा गया।
घटना शनिवार रात की है। दरअसल रात लगभग नौ बजे डीएम मोहम्मद जुबैर अली हाशमी ने डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव को तत्काल अपने कैंप कार्यालय पहुंचने का फरमान जारी किया।
लेकिन डीपीआरओ उस समय मंदिर लिए गए थे। ऐसे में उन्हें आने में लगभग आधा घंटे की देर हो गई। इससे नाराज डीएम ने तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक को पुलिस भेज कर डीपीआरओ को पकड़ कर कैंप कार्यालय में लाने का आदेश दिया गया।
इसी बीच कुछ देर बाद डीपीआरओ कैंप कार्यालय पहुंच गए। इससे पहले कि वह डीएम के चैंबर तक पहुंचते कि पुलिस उन्हें पकड़ कर बाहर ले आई। उन्हें लगभग एक घंटे तक पुलिस ने गैर कानूनी तरीके से अभिरक्षा में रखा। सूत्रों का कहना है कि पुलिस उन्हें कई स्थानों पर ले जाकर अनाधिकृत रूप से बैठाए रखा।
मामला तूल पकड़ता देख डीएम के निर्देश के बाद उन्हें लगभग एक घंटे पुलिस अभिरक्षा से छोड़ा गया। पुलिस से छूटने के बाद डीपीआरओ तत्काल एक मोटर साइकिल पर सवार होकर बहराइच की ओर रवाना हो गए।
इसी के बाद से उनका मोबाइल स्विच आफ हो गया। इस मामले में डीएम से कई बार उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क कर मामले की जानकारी चाही गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
वहीं इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सक्सेना बताते हैं कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। जानकारी होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
जिलाधिकारी मोहम्मद जुबैर अली हाशमी ने कहा कि डीपीआरओ की गिरफ्तारी जैसा कोई मामला नहीं है। कंफ्यूजन में कुछ हुआ होगा। पुलिस वालों को मैने डांटा भी है।