परिवहन निगम की सेवाएं इस समय बदहाली की दौर से गुजर रही हैं। रोडवेज बस अड्डे से 72 बसों का संचालन होता है। लेकिन इनमें 12 बसें ऐसी हैं जो जर्जर अवस्था में हैं। इन बसों की सीट ऐसी नहीं है, जिन पर बैठकर यात्री यात्रा कर सकें। आए दिन यात्री घायल होते हैं, यात्रा के दौरान उनके कपड़े भी फट जाते हैं।
कई बार इस मामले में यात्रियों ने आवाज भी उठाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिससे बहराइच डिपों की बसों से यात्रा करना काफी दुखदाई साबित हो रहा है। परिवहन निगम के बहराइच रोडवेज बस अड्डे से 72 बसों का संचालन लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सुल्तानपुर, इलाहाबाद, गोंडा, फैजाबाद, बलरामपुर, बाराबंकी व रायबरेली आदि मार्गों पर होता है। लेकिन इनमें से 12 बसें ऐसी हैं, जिनमें न तो सीट दुरुस्त है न ही शीशे।
इस समय बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में रास्ते में यात्रा के दौरान मौसम बिगड़ने पर यात्रियों को पानी की बौछारों को सहते हुए यात्रा करनी पड़ती है। सीट की तो ऐसी दुर्दशा है कि अगर यात्री तनिक भी चूके तो उनके कपड़े फट जाते हैं। अगर यात्रा के दौरान बस तेज रफ्तार में हिचकोले लेती है तो सीट पर बैठना दुश्वार हो जाता है।
इस मामले में यात्री चालक या परिचालक से शिकायत करते हैं तो उनका सिर्फ यही उत्तर होता है जो बस सही मिले उसमें यात्रा कीजिए। परेशान यात्री भी परिवहन निगम की व्यवस्था से समझौता करने को मजबूर हैं।
परिवहन निगम बस अड्डे के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश पाल ने कहा कि बसों की वर्कशॉप पर नियमित जांच कराई जाती है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बसों में कुछ गड़बड़ी जरूर आती रहती रहती है। लेकिन जानकारी होने पर बसों को सही भी करा दिया जाता है। बसों की सीट गड़बड़ होने की जानकारी चालक या परिचालकों ने नहीं दी है। अब पता चला है। सभी बसों की जांच करवाकर नए सिरे से व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो से तीन दिन में यात्रियों की शिकायतें दूर हो जाएंगी।