बहराइच। जिलाधिकारी ने पराली जलाने पर सात किसानों पर जुर्माना लगाया गया। डीएम ने मामले की जांच के बाद किसानों पर अलग-अलग जुर्माने की राशि तय करने की साथ ही अन्य किसानों से पराली न जलाने की अपील की।
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने जिले में पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। आदेश की अवहेलना कर सात किसानों ने पराली जलाई। इसकी सूचना मिलने पर डीएम ने मिहींपुरवा के किसान विजय कुमार मलिक और नसीम, विकासखंड शिवपुर के गोमती, नजीर और मुर्तजा अली, बलहा के गुलाम वारिस पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं चित्तौरा के प्रेमचंद पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
डीएम ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पराली कतई न जलाएं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और पशुओं के चारे की कमी भी होती है।
डीएम ने सभी कंबाइन हार्वेस्ट मशीन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे मशीन के साथ स्ट्रा रीपर लगाकर ही कटाई करें। अन्यथा, कंबाइन को सीज करते हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति का अर्थदंड लगाया जाएगा।
गोशालाओं में दान करें पराली
डीएम ने सभी हल्का लेखपालों और ग्राम प्रधानों से भी कहा है कि अपने-अपने ग्राम पंचायतों में यह सुनिश्चित करें कि कोई भी किसान फसल अवशेष न जलाए। उन्होंने प्रगतिशील किसानों से भी अपील की कि खेतों में पड़ी पराली और फसलों के अवशेषों को जिले की गोशालाओं में दान करें।