बहराइच। मेडिकल कॉलेज स्थित पैथॉलाजी में 215 लोगों की डेंगू जांच हुई। इनमें सात लोग डेंगू पॉजिटिव मिले हैं जबकि 215 लोगों की जांच निगेटिव आई है। वहीं रैपिड टेस्ट में 145 पॉजिटिव मिल चुके हैं लेकिन रैपिड टेस्ट की जांच स्वास्थ्य विभाग डेंगू पॉजिटिव के लिए नहीं मानता है। डेंगू पीड़ित बालिका व ग्रामीण की लखनऊ में मौत भी हो चुकी है। डेंगू जांच मेडिकल कॉलेज के साथ ही प्राइवेट लैब में भी की जा रही है।
जिले में मौसम बदलने के साथ डेंगू का प्रसार शुरू हो गया है। नानपारा नगर के साथ रुपईडीहा व मिहींपुरवा में डेंगू ने काफी पैर पसारे। मिहींपुरवा निवासी एक बालिका की लखनऊ में डेढ़ माह पूर्व डेंगू से मौत हो चुकी है जबकि रुपईडीहा निवासी एक 40 वर्षीय ग्रामीण की लखनऊ ले जाते समय मौत हो चुकी है लेकिन अस्पताल में मौत न होने के चलते स्वास्थ्य विभाग इसे आंकड़ों नहीं दर्ज कर रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ग्रामीण व शहर क्षेत्र के 215 लोगों की अब तक डेंगू जांच हुई है। इनमें सात लोग ही डेंगू पॉजिटिव मिले हैं जबकि 215 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं रैपिड टेस्ट में भी 145 लोग पॉजिटिव निकले हैं लेकिन एलायजा जांच में ये सभी निगेटिव आए हैं।
डेंगू जांच के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में सिर्फ सात रोगी ही पॉजिटिव मिले हैं जो इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू का प्रसार भी कम हो जाएगा।
स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज स्थित ब्लड बैंक में डेंगू की जांच मुफ्त में होती है। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि जिनमें लक्षण मिले, वह लैब पहुंचकर निशुल्क जांच करा सकते हैं। आस्था पैथॉलाजी के चिकित्सक डॉ. जी सिंह ने बताया कि डेंगू जांच प्राइवेट लैब में भी होती है जिसकी फीस 1200 रुपये है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में 142 लोगों की टेस्ट हुई जिनमें से 139 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। तीन लोग डेंगू पॉजिटिव मिले जबकि रैपिड टेस्ट में बीते वर्ष भी 20 लोग पॉजिटिव आए थे।