नामांकन पत्र की जांच करते अधिकारी
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विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को हुई। इस दौरान कैसरगंज के कांग्रेस प्रत्याशी समेत सात उम्मीदवारों का परचा समुचित जानकारी न देने के चलते खारिज कर दिया गया है, जिसके चलते अब चुनावी मैदान में सिर्फ 74 प्रत्याशी बचे हैं। नाम वापसी के बाद जिले की चुनाव की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
जिले में पांचवें चरण के दौरान 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए दो से नौ फरवरी तक नामांकन कराए गए। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए 81 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरा था। शुक्रवार को सुबह 10 बजे से कलेक्ट्रेट में सभी विधानसभा क्षेत्रों के पटल पर नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कैसरगंज से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बालकानंद वर्मा ने परचा भरा था, लेकिन उनके शपथ पत्र में खामियां थीं। जिससे परचा निरस्त कर दिया गया।
इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी मुन्नी कुरैशी का परचा भी खारिज हुआ। जबकि अभिलेखों के अभाव में बलहा विधानसभा क्षेत्र से लोकदल के टिकट से परचा भरने वाले तिलकराम, नानपारा से निर्बल इंडियन शोषित हमारा दल पार्टी की उम्मीदवार मीना कुमारी, निर्दल प्रत्याशी प्रदीप कुमार वर्मा का परचा खारिज हुआ। जबकि महसी विधानसभा क्षेत्र से अंबेडकर नेशनल कांग्रेस पार्टी से परचा दाखिल करने वाले राजेंद्र का नामांकन खारिज किया गया।
वहीं पयागपुर से अभिलेखों के अभाव में सर्वसंभाव पार्टी के प्रत्याशी आशीष सोनी का परचा निरस्त हुआ है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सात नामांकन पत्र खारिज होने के बाद अब सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में 74 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। नाम वापसी के बाद जिले की चुनावी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। उधर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याश्ंाकर सिंह ने बताया कि 11 से 13 फरवरी तक नाम वापसी हो सकेगी। सोमवार शाम तीन बजे के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव ने पयागपुर विधानसभा सीट पर उहापोह की स्थिति खत्म कर दी है। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि पयागपुर सीट पर सपा प्रत्याशी मुकेश श्रीवास्तव चुनाव लड़ेंगे। पार्टी की ओर से उन्हें हरी झंडी दी गई है। अन्य सीटों की तर्ज पर यहां भी गठबंधन के बावजूद फ्रेंडली चुनाव होगा।