रुपईडीहा (बहराइच)। लद्दाख में चीन के कायराना हमले के बाद भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। चीन के हमले के बाद सीमा की सुरक्षा को लेकर अलर्ट घोषित किया गया है। भारतीय क्षेत्र में एसएसबी के सभी बॉर्डर आउट पोस्ट पर तैनात जवानों को चौकसी बरतने के निर्देश जारी कर दिए गए है। वहीं, नेपाल की आर्म्ड फोर्स और पुलिस भी सीमा की सुरक्षा के लिए मुस्तैद नजर आ रही है। चीन के हमले के बाद दोनों देश सीमा सुरक्षा को लेकर कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं।
भारत और नेपाल की सीमा सटी हुई है। जिले में करीब डेढ़ सौ किमी की खुली सीमा की सुरक्षा के लिए भारत सरकार की ओर से सशस्त्र सीमा बल को तैनात किया गया है। सीमा की सुरक्षा में एसएसबी की 42वीं बटालियन और 59वीं बटालियन को लगा रखा गया है। सीमा की सुरक्षा के लिए 15 बॉर्डर आउट पोस्ट बनाए गए हैं। इन पर एसएसबी के अधिकारियों के साथ ही जवान तैनात हैं।
चीन की ओर से दो दिन पूर्व लद्दाख में हमले के दौरान भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने के बाद भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से अलर्ट जारी होने के बाद जिले के नेपाल से सटी खुली सीमा पर एसएसबी के जवानों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। जंगल से सटे इलाकों में काफी सतर्कता बरती जा रही है। उधर, नेपाल की फोर्स भी सीमा की सुरक्षा में जुटी हुई है। दोनों देशों के जवानों द्वारा सीमा पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गुरुवार को एसएसबी के इंस्पेक्टर रमेश कुमार ग्वाला, उपनिरीक्षक रामकृष्ण, आरक्षी हरेंद्र यादव और नेपाल पुलिस के उपनिरीक्षक प्रवीण खड़का, आरक्षी उमेश ओली और आर्म्ड पुलिस फोर्स नेपाल के उपनिरीक्षक देवपून की अगुवाई में जवानों की ओर से सीमा पर संयुक्त गश्त की गई। सहायक कमांडेंट सुकुमार देव बर्मन ने बताया कि सीमा की सुरक्षा के लिए जवानों को लगातार पेट्रोलिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
चीन के हमले के बाद सीमा की सुरक्षा को लेकर अलर्ट घोषित किया गया है। आपस मेें दोनो देशों के अधिकारियों की ओर से बेहतर समन्वय बनाकर पेट्रोलिंग की जा रही है। बीओपी पर तैनात सीमा चौकियों के जवानों को एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर सीमा सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। विवाद की कोई भी स्थिति पैदा न हो, इस पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
- प्रवीण कुमार, कमांडेंट 42वीं वाहिनी एसएसबी