बहराइच। कुछ दिनों की राहत के बाद सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शारदा, गिरिजापुरी व सरयू बैराज से शनिवार को कुल 2,57,937 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर बढ़कर 105.87 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 106.07 मीटर से महज 20 सेमी नीचे है। इससे महसी तहसील के सरयू तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका में ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई है।
सरयू नदी में पानी बढ़ने पर सबसे पहले महसी तहसील के तटवर्ती इलाकों में बसे गांव प्रभावित होते हैं। पिछले चार दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन शुक्रवार शाम से जलस्तर में फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई। शनिवार दोपहर से जलस्तर करीब एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने से गोलागंज, तारापुरवा, कायमपुर, सिलौटा, कोढ़वा, बौंडी, मांडा दरियाबुर्द, लोनियनपुरवा, जोधापुरवा व महंतपुरवा समेत तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी रहने पर आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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खेतों में खड़ी फसल को लेकर चिंता
गोलागंज निवासी रामनरेश ने बताया कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हो सकती है। कायमपुर निवासी सुनीता देवी ने बताया कि पिछले दिनों जलस्तर कम होने से परिवार ने राहत महसूस की थी, लेकिन शनिवार को नदी बढ़ने की जानकारी मिलने के बाद चिंता फिर बढ़ गई है। ग्रामीण रात में भी नदी के जलस्तर की जानकारी लेते रहते हैं।
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बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
बाढ़ खंड के उपखंड अधिकारी नंदू प्रसाद ने बताया कि सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। तटवर्ती गांवों के लोगों को सजग किया गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से नदी के किनारे जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।