जरवलरोड में एल्गिन ब्रिज पर बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर। संवाद
बहराइच/मिहींपुरवा। पहाड़ों के साथ-साथ जिले में जारी बारिश के चलते सरयू का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नदी खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे सैकड़ों गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। हालांकि सुबह से नदी का जलस्तर स्थिर है जिससे खतरा टलने की बात कही जा रही है। मिहींपुरवा तहसील के कई गांवों में तेजी से पानी घुस गया था जो अब निकल रहा है।
लखनऊ-बहराइच राजमार्ग स्थित जरवलरोड के एल्गिन ब्रिज पर शनिवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.46 दर्ज किया गया। जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर रहा। हालांकि दो दिन तक बढ़ने के बाद शनिवार को जलस्तर स्थिर हो गया। बावजूद इसके बाढ़ का खतरा बना है। नानपारा, मिहींपुरवा, कैसरगंज, महसी तहसील के सैकड़ों गांवों की आबादी की धुकधुकी बढ़ी है।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के जंगल गुलरिहा, सुजौली मंझरा आदि गांवों में पानी भर गया है। पानी के तेज बहाव ने सुजौली-जंगल गुलरिहा मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। मझरा में खेतों में पानी भर जाने से फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।
जंगल गुलरिहा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार ने बताया कि नेपाली पानी गांव में भरने लगा जिससे बाढ़ं की आशंका होने लगी थी। जंगल गुलरिहा पर तेज बहाव से आवागमन बाधित हो गया था लेकिन गनीमत रही कि नदी का जलस्तर घट गया।
बाढ़ का खतरा टलने की संभावना
सरयू का जलस्तर 106.46 पर स्थिर हो गया है। इससे बाढ़ का खतरा टलने की संभावना है। टीम के साथ जलस्तर पर नजर बनाए हैं।
-जेपी वर्मा, अधीक्षण अभियंता, सरयू ड्रेनेज खंड