बहराइच। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 17 सेमी ऊपर बह रही है। महसी तहसील क्षेत्र के सात तटवर्ती गांवों में पानी घुस गया है। अचानक बढ़े पानी से ग्रामीण दहशत में हैं।
तराई क्षेत्र में भले ही मानसून कमजोर पड़ा है, लेकिन नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश से गेरुआ और कौड़ियाला नदियां उफान पर हैं। इसके चलते गिरिजापुरी बैराज से शुक्रवार को 2,95,407 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। तेज बहाव से सरयू ने महसी के जोधे पुरवा, महंत पुरवा, सेमरही, टंच, मांझा दरियाबुर्द के चमरही और गोडियन पुरवा गांवों को घेर लिया है।
सरयू का पानी खेतों और घरों में भरने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई स्थायी इंतजाम नहीं किया जाता। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण राधेश्याम, शिवशंकर बाबा, दिन कृपाराम और जगदेव ने बताया कि नदी का पानी लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है, लेकिन रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर बार बाढ़ के बाद प्रशासन सिर्फ लंच पैकेट और लैया-चना बांटकर अपना पल्ला झाड़ लेता है।
प्रशासन का दावा, हालात पर नजर
महसी के तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है। राजस्व कर्मियों की टीम मौके पर तैनात है और पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है। अभी तक गांवों में गंभीर बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन खतरे से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित ग्रामीणों को हरसंभव मदद दी जाएगी।
फ्लड कंट्रोल रूम की रिपोर्ट
फ्लड कंट्रोल रूम सरयू ड्रेनेज डिवीजन-1 के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.24 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। इस समय कुल डिस्चार्ज पानी 2,95,407 क्यूसेक है, पानी का बहाव स्थिर है।