महसी के महंतपुरवा में सरयू नदी में समाहित होते खेत। - स्रोत : ग्रामीण
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद कटान तेज हो गया है। नदी की लहरें धीरे-धीरे महंत पुरवा गांव की ओर बढ़ रही हैं, गांव और नदी के बीच का फासला हर लहर के साथ कम होता जा रहा है। 24 घंटे में लगभग 20 बीघा खेत पानी में समा चुके हैं। तेज कटान से किसानों की चिंता बढ़ गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक बचाव का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया।
महसी तहसील के महंत पुरवा गांव के किसान बढ़ते कटान को लेकर चिंता में हैं। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी नीचे पहुंच चुका है, इससे कटान की रफ्तार बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि हर दिन नदी का रुख खेतों की ओर बढ़ रहा है। गांव निवासी रामेश्वर और सुरेश कुमार ने कहा कि मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक लगभग 20 बीघा लहलहाती धान की फसल नदी की धारा में बह चुकी हैं।
किसानों का कहना है कि यह उनके लिए गंभीर चुनौती है, क्योंकि कटान उनकी मेहनत और जीविका दोनों को प्रभावित कर रहा है। खेत कटने से न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि गांव और नदी के बीच का फासला लगातार कम होता जा रहा है, जिससे गांव भी खतरे में आ सकता है।
किसानों ने कहा कि कई बार महसी तहसील प्रशासन और संबंधित विभागों को कटान की जानकारी दी, लेकिन कटान रोकने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस मामले में महसी तहसीलदार विकास कुमार ने बताया कि कटान पर नजर लगातार बनी हुई है। राजस्वकर्मी क्षेत्र में मुस्तैद हैं। गांव व खेतों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।