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Bahraich News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू

Fri, 22 Aug 2025 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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 महसी के जानकीनगर गांव में तेजी से कटान कर रही सरयू नदी।    -स्रोत : ग्रामीण
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बहराइच। सरयू का कहर जारी है। एल्गिन ब्रिज पर नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से 21 सेमी ऊपर बहती हुई स्थिर रही। गिरिजापुरी बैराज से लगातार 3.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में कमी नहीं आ पा रही है। कटान ने महसी तहसील के जानकीनगर और नई बस्ती गांव को निगलना शुरू कर दिया है। बुधवार रात जानकीनगर में तीन घर कट कर नदी में समा गए।
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सरयू का जलस्तर भले स्थिर दिख रहा हो, लेकिन कटान और पलायन ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। तटवर्ती गांवों की तस्वीरें यह बता रही हैं कि कटान प्रभावित गांवों के लोग बदइंतजामी के दौर से गुजर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की बात जरूर कही जा रही है, लेकिन तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। बुधवार को सरयू में गंगाराम, अरविंद व बदलू का पक्का मकान कट कर समा गया।


महसी तहसील के जानकीनगर में कुल 95 मकान हैं, लगभग आधा गांव नदी में समा चुका है। तेज कटान के जद में आए मकानों को ग्रामीण खुद ही गिरा रहे हैं, ताकि नदी में ढहने से नुकसान न हो। बृहस्पतिवार को गांव निवासी माधव, किशुन समेत पांच ग्रामीणों के मकानों पर सरयू की लहरें थपेड़े लेती दिखीं। लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने लगे हैं।
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खुले आसमान तले जिंदगी, चारपाई से बना रहे दीवार

कटान प्रभावित ग्रामीण गंगाराम अपने घर-आंगन से बेघर होकर पॉलिथीन तानकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। दीवार की जगह चारपाई खड़ी कर अस्थायी ठिकाने बना लिए गए हैं। कुछ ग्रामीणों को पॉलिथीन भी नहीं मिली तो घर की महिलाओं की साड़ी तानकर आसरा बनाया है। अधिकारी राहत सहायता प्रदान करने का दावा जरूर कर रहे हैं, लेकिन मौके पर बदहाली का दर्द साफ दिख रहा है।



कटान के साथ मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से लगातार 3 लाख 14 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सरयू में छोड़ा जा रहा है। नदी सप्ताह भर से लाल निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने और कटान से महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसीलों के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ खेत में खड़ी फसल और मवेशियों की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है।



ग्रामीणों की व्यथा, उनकी जुबानी

जानकीनगर निवासी अमिरका, दन्ना, बच्चीराम, रामदास, आकांक्षा, परशुराम, रामचंदर,जीवन, गोकरन, पाहू व नरेश ने कहा कि घर आंखों के सामने नदी में समा गया। जो बचा है, उसे भी खुद ही गिरा रहे हैं ताकि बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे। नई बस्ती की कमला देवी ने कहा कि बच्चे भूखे हैं, पॉलिथीन तानकर आसमान के नीचे रह रहे हैं। न खाना बन पा रहा है, न सोने की जगह है। विस्थापित लक्ष्मी ने कहा घर नदी में समाहित हो गया। परिवार अब साड़ी तानकर गुजर-बसर कर रहा है। किसान राधे ने कहा कि बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अभी तक कोई राहत सहायता नहीं मिली है। मीना देवी ने कहा कि डर के मारे गांव छोड़कर सुरक्षित जगह तलाश रहे हैं।
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सरयू नदी का जलस्तर एक नजर में

एल्गिन ब्रिज : वर्तमान जलस्तर - 106.27 मीटर
खतरे का निशान - 106.07 मीटर
बैराज से डिस्चार्ज पानी - 3,14 लाख क्यूसेक
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