बहराइच। नेपाल और तराई में लगातार हो रही बारिश के बीच सरयू नदी ने मंगलवार दोपहर बाद अचानक अपनी चाल बदल दी। सोमवार रात से दोपहर तक लगभग स्थिर रही नदी में चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 2,68,501 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर करीब ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने देर रात तक नदी के उफान पर आने और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई है।
महसी तहसील प्रशासन ने बेलहा-बहरौली तटबंध के उस पार बसे गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया है। तहसीलदार विकास कुमार ने लेखपालों और राजस्व कर्मियों की टीमें गांव-गांव भेजकर लोगों को सतर्क कराया। लोनियनपुरवा, मांझा दरियाबुर्द, पचदेवरी, मल्हनपुरवा, रानीबाग, बंदी सिलौटा, नया गोलागंज, कोठार गोलागंज, नई बस्ती, पिपरा और पिपरी समेत नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ की संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं तथा स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है।
मंगलवार को जलस्तर की स्थिति
बैराज-नदी जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
शारदा बैराज: 135.10 मी. 135.49 मी. 1,46,172 क्यूसेक
गिरिजापुरी बैराज: 135.05 मी. 136.78 मी. 1,17,776 क्यूसेक
सरयू बैराज: 130.30 मीटर, 133.50 मी. 4,553 क्यूसेक
- तीनों बैराजों से सरयू में छोड़ा गया कुल पानी 2,68,501 क्यूसेक
-एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.78 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर
-घूर देवी गेज पर जलस्तर 111.61 मीटर, खतरे का निशान 112.15 मीटर