बहराइच। एक ही गाटा, एक ही खरीदार, लेकिन सर्किल दरें अलग-अलग। महसी तहसील में हुए जमीन के बैनामे में खेल का मामला सामने आया है। प्रदेश के स्टांप एवं निबंधन आयुक्त को की गई शिकायत में पयागपुर के पूर्व विधायक और उनके परिजनों के नाम दर्ज एक ही गाटा संख्या की भूमि के दो बैनामों में अलग-अलग दरों पर मूल्यांकन कर 1.03 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व नुकसान का आरोप है। शिकायत में तत्कालीन उप निबंधक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
महसी तहसील में भूमि पंजीकरण का एक मामला स्टांप एवं निबंधन विभाग तक पहुंच गया है। शिकायत के मुताबिक पयागपुर के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप, उनके भाई बालेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, बड़ी भाभी श्रीमती सविता श्रीवास्तव तथा तत्कालीन उप निबंधक महसी पर एक ही गाटा संख्या की भूमि के दो अलग-अलग बैनामों में अलग-अलग दरों पर मूल्यांकन कर 1.03 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर संबंधित अधिकारियों और खरीदारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तथा वर्तमान उप निबंधक के कार्यकाल में पांच लाख रुपये से अधिक मूल्य के सभी बैनामों की जांच कराने की मांग की है।
धरमपुर निवासी शिकायतकर्ता जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार 17 सितंबर 2025 को विक्रय विलेख संख्या 9243/2025 के माध्यम से मौजा टेड़वा बसंतपुर, गाटा संख्या 274म का पंजीकरण कराया गया। आरोप है कि भूमि की वास्तविक सर्किल दर 17 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर होने के बावजूद 6,600 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मूल्यांकन कर स्टांप और निबंधन शुल्क कम किया गया।
जबकि इसी गाटा संख्या और 2430 वर्गमीटर रकबे की भूमि का 24 अक्तूबर 2025 को विक्रय विलेख संख्या 10081/2025 के माध्यम से पुनः 17 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से पंजीकरण कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों बैनामों में गाटा संख्या, रकबा, खरीदार और विक्रेता समान हैं, लेकिन मूल्यांकन में बड़ा अंतर है। इसी आधार पर शिकायत में कथित मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ता ने आयुक्त स्टांप एवं निबंधन से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, यदि अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार राजस्व की वसूली, जुर्माना के साथ ही संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मामले की शुरू की गई जांच
महसी के तहसीलदार विकास कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। नायब तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। दो टुकड़ों में अलग-अलग दरों पर हुई जमीन के बैनामे की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
शिकायत के मुख्य बिंदु
एक ही गाटा संख्या 274म की भूमि के दो अलग-अलग विक्रय विलेख।
पहला पंजीकरण 17 सितंबर 2025, दूसरा 24 अक्तूबर 2025।
पहले बैनामे में 6,600 रुपये प्रति वर्गमीटर, दूसरे में 17,000 रुपये प्रति वर्गमीटर मूल्यांकन।
शिकायत में 1,03,72,320 रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप।